फीफा विश्व कप: इंग्लैंड को हराकर फाइनल में पहुंचा अर्जेंटीना
नई दिल्ली । डेस्क: अटलांटा में खेले गए फीफा विश्व कप के एक बेहद रोमांचक और ऐतिहासिक सेमीफाइनल मुकाबले में गत चैंपियन अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है. एक समय मैच में पिछड़ रही अर्जेंटीना की टीम ने कप्तान लियोनेल मेसी की जादुई खेल के दम पर आखिरी मिनटों में पासा पलट दिया. मैच के 92वें मिनट में स्थानापन्न खिलाड़ी लुटारो मार्टिनेज द्वारा दागे गए शानदार गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने खिताबी मुकाबले में जगह बनाई, जहां उनका सामना यूरोपीय चैंपियन स्पेन से होगा.
अटलांटा स्टेडियम में मौजूद 68,239 फुटबॉल प्रेमियों के सामने खेले गए इस मुकाबले का पहला हाफ बेहद तनावपूर्ण और आक्रामक रहा. दोनों टीमों के बीच पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता साफ नजर आ रही थी और खेल बार-बार फाउल के कारण रुक रहा था.
मैच के पहले हाफ में इंग्लैंड के इलियट एंडरसन को लियोनेल मेसी पर किए गए एक खतरनाक टैकल के लिए येलो कार्ड भी देखना पड़ा. शुरुआती 45 मिनटों में दोनों ही टीमें कोई बड़ा मौका नहीं बना सकीं और पहला हाफ गोलरहित समाप्त हुआ.
मैच के दूसरे हाफ में खेल ने रफ्तार पकड़ी और 55वें मिनट में इंग्लैंड ने चौंकाने वाली शुरुआत की. कप्तान हैरी केन की सूझबूझ से शुरू हुए एक आक्रमण में मोर्गन रोजर्स ने दाहिने छोर से एक सटीक लो क्रॉस बॉक्स के अंदर भेजा. अर्जेंटीना के डिफेंडर नाहुएल मोलिना को छकाते हुए इंग्लैंड के एंथनी गॉर्डन ने गेंद को गोल पोस्ट के अंदर डाल दिया.
गॉर्डन के इस गोल ने इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी और ऐसा लगने लगा था कि इंग्लिश टीम 1966 के बाद पहली बार विश्व कप के फाइनल में पहुंचने का अपना सपना पूरा कर लेगी.
हालांकि, अर्जेंटीना की टीम ने इसी मैदान पर प्री-क्वार्टर फाइनल में मिस्र के खिलाफ दो गोल से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी की थी, और वे हार मानने वाले नहीं थे. थॉमस ट्यूशेल की इंग्लिश टीम के प्रमुख खिलाड़ी जूड बेलिंगहैम और हैरी केन इस बढ़त को मजबूत करने में नाकाम रहे और इंग्लैंड ने रक्षात्मक खेल अपना लिया, जो अंत में उन पर भारी पड़ा.
अर्जेंटीना ने लगातार हमले जारी रखे. 76वें मिनट में एलेक्सिस मैक एलिस्टर का एक शॉट पोस्ट से टकराकर वापस आ गया और इंग्लैंड के गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड ने निको गोंजालेज के एक बेहतरीन हेडर का शानदार बचाव किया. लेकिन अर्जेंटीना का दबाव आखिरकार रंग लाया.
85वें मिनट में लियोनेल मेसी ने बॉक्स के किनारे खड़े एन्जो फर्नांडीज को एक बेहतरीन पास दिया, जिसे फर्नांडीज ने बिना कोई गलती किए गोल में तब्दील कर मैच को 1-1 की बराबरी पर ला खड़ा किया.
जब मैच एक्स्ट्रा टाइम की ओर बढ़ता दिख रहा था, तभी इंजरी टाइम के दूसरे मिनट (92वें मिनट) में मेसी ने एक बार फिर अपनी क्लास दिखाई. उन्होंने एक बेहद खूबसूरत क्रॉस बॉक्स के अंदर भेजा, जिस पर लुटारो मार्टिनेज ने शानदार हेडर लगाते हुए गेंद को जाल में पहुंचा दिया. इस गोल के साथ ही अर्जेंटीना के प्रशंसकों में जश्न की लहर दौड़ गई, जबकि इंग्लैंड के खिलाड़ी मैदान पर ही बैठ गए.
इस जीत के साथ ही 39 वर्षीय लियोनेल मेसी ब्राजील के महान खिलाड़ी कैफू के बाद तीन विश्व कप फाइनल खेलने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन जाएंगे.
अब रविवार को न्यू यॉर्क न्यू जर्सी स्टेडियम में होने वाले महामुकाबले में अर्जेंटीना का सामना स्पेन से होगा, जहां मेसी अपने करियर में पहली बार स्पेन के खिलाफ कोई आधिकारिक मैच खेलेंगे. वहीं, दिल तोड़ने वाली इस हार के बाद इंग्लैंड की टीम शनिवार को मियामी में तीसरे स्थान के लिए फ्रांस से भिड़ेगी.