शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

Census में जातिगत आंकड़ों में गड़बड़ी की आशंका, कांग्रेस ने उठाये सवाल

C

CG Khabar

06 सित. 2026, 07:51 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

कांग्रेस प्रेस कांन्फ्रेंस
कांग्रेस प्रेस कांन्फ्रेंस

रायपुर । संवाददाता: केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित राष्ट्रव्यापी जाति जनगणना के प्रारूप को लेकर सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. कांग्रेस ने जनगणना के मौजूदा फॉर्मेट को त्रुटिपूर्ण बताते हुए चेतावनी दी है कि इससे अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की आबादी से जुड़े आंकड़ों में भारी विसंगति पैदा हो सकती है. 


पार्टी ने मांग की है कि वर्तमान प्रश्नावली को तुरंत रद्द कर पूर्व-स्वीकृत जातियों की सूची के साथ एक मानकीकृत ड्रॉपडाउन विकल्प लागू किया जाए.


रायपुर में आयोजित एक पत्रकार वार्ता के दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता नाना भाऊ पटोले, छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने केंद्र की नीतियों पर जमकर निशाना साधा. पटोले ने कहा कि प्रश्नावली के प्रश्न क्रमांक 10 का खुला स्वरूप (ओपन-एंडेड फॉर्मेट) सबसे बड़ी समस्या है. 


क्षेत्रीय बोलियों, स्थानीय नामों और वर्तनी (स्पेलिंग) की भिन्नता के कारण एक ही जाति के नाम अलग-अलग तरीकों से दर्ज हो सकते हैं. इससे आंकड़ों का बिखराव होगा और पिछड़ों की वास्तविक जनसंख्या का सही आकलन करना असंभव हो जाएगा, जिसका सीधा असर आरक्षण, शिक्षा, सरकारी नौकरियों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर पड़ेगा.


कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि भारत के महारजिस्ट्रार ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) द्वारा तैयार लगभग 4,200 जातियों की मौजूदा सूची को इस प्रक्रिया में शामिल क्यों नहीं किया.


उन्होंने 2021 में केंद्र सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल उस हलफनामे का भी हवाला दिया, जिसमें एक पूर्व-संकलित जाति सूची की आवश्यकता को स्वीकार किया गया था. कांग्रेस ने मांग की है कि देशभर में जनगणना शुरू करने से पहले केंद्र सरकार सभी राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों से सलाह लेकर इस प्रारूप में जरूरी संशोधन करे.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP