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मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड में हिन्दू सदस्यों की नियुक्ति, SC जाएगी कांग्रेस

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07 जुल. 2026, 06:46 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

M P Waqf Board
M P Waqf Board

भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के पुनर्गठन और उसमें दो हिंदू सदस्यों को शामिल किए जाने के राज्य सरकार के फैसले पर सियासी घमासान छिड़ गया है. कांग्रेस ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के इस फैसले को "अनुचित" करार देते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है. वक्फ (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत गठित यह नया बोर्ड देश का पहला ऐसा राज्य स्तरीय वक्फ बोर्ड बन गया है, जिसमें गैर-मुस्लिम सदस्यों को नियुक्त किया गया है.


राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, 10 सदस्यीय इस बोर्ड की कमान एक बार फिर सनवर पटेल को सौंपी गई है, जिन्हें लगातार दूसरी बार अध्यक्ष बनाया गया है. बोर्ड में मनोज मालपानी और अनिमेष भार्गव को हिंदू सदस्य के रूप में शामिल किया गया है. 


इनके अलावा नजमा हेप्तुल्ला, आतिफ अकील, फैजान खान, फातिमा चौधरी, शाइस्ता सुल्तान और शबाना खान को सदस्य बनाया गया है, जबकि पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के कमिश्नर इसके पदेन सदस्य होंगे.


इस फैसले पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा कि वक्फ कानून से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. 


शीर्ष अदालत का अंतिम फैसला आने तक सरकार को ऐसे कदम नहीं उठाने चाहिए थे. उन्होंने इसे कानूनी रूप से त्रुटिपूर्ण बताते हुए कहा कि कांग्रेस इस पुनर्गठन और नियुक्तियों के खिलाफ जल्द ही सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी. 


वहीं, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पीसी शर्मा ने भाजपा पर तुष्टिकरण और मूल मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया.


दूसरी तरफ, सत्तारूढ़ भाजपा ने इस फैसले का पुरजोर बचाव किया है. नवनियुक्त अध्यक्ष सनवर पटेल ने कहा कि बोर्ड का गठन पूरी तरह से कानूनी प्रावधानों के तहत किया गया है और विपक्ष इस पर बेवजह राजनीति कर रहा है. 


राज्य के मंत्री विश्वास सारंग ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि मध्य प्रदेश वक्फ अधिनियम लागू करने और इसमें हिंदू सदस्यों को शामिल करने वाला देश का पहला राज्य बना है. 


उन्होंने साफ किया कि वक्फ बोर्ड का दायरा केवल मस्जिदों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और कल्याणकारी संस्था है, इसलिए इसे धर्म के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए. 


भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने भी विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि इस फैसले से केवल उन्हें परेशानी होनी चाहिए जिन्होंने वक्फ की जमीनों पर अवैध कब्जे कर रखे हैं, क्योंकि हिंदू सदस्य भी गरीबों के कल्याण के लिए पूरी निष्ठा से काम करेंगे.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP