अनिल अंबानी को बैंक धोखाधड़ी मामले में ED का समन
अनिल अंबानी को बैंक धोखाधड़ी मामले में ED का समन, दर्ज होगा बयान
नई दिल्ली । डेस्क: रिलायंस कम्युनिकेशंस से जुड़े ₹2,929 करोड़ के कथित लोन धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी को एक बार फिर तलब किया है. एजेंसी सूत्रों के मुताबिक, उन्हें 14 नवंबर को अपना बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है.
यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा अगस्त में दर्ज की गई एक FIR पर आधारित है, जिसमें अनिल अंबानी का नाम भी शामिल है. ED इस मामले में धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत जांच कर रही है और हाल ही में रिलायंस अनिल अंबानी समूह से जुड़ी लगभग ₹7,500 करोड़ की संपत्ति कुर्क की है.
कुर्क की गई संपत्तियों में नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी में ₹4,462 करोड़ से अधिक मूल्य की 132 एकड़ जमीन शामिल है.
ED ने पहले कहा था कि RCom और उसकी समूह कंपनियों पर ₹40,185 करोड़ का कुल बकाया है, जिसमें से ₹19,694 करोड़ भारतीय बैंकों का बकाया है. पांच बैंकों ने RCom के लोन खातों को 'धोखाधड़ी' घोषित किया है.
इस समन पर अनिल अंबानी के प्रवक्ता ने पहले कहा था कि शिकायत 10 साल से अधिक पुराने मामलों से संबंधित है, जब अंबानी कंपनी में एक गैर-कार्यकारी निदेशक थे और दिन-प्रतिदिन के प्रबंधन में शामिल नहीं थे.
उन्होंने यह भी कहा कि "SBI ने पांच अन्य गैर-कार्यकारी निदेशकों के खिलाफ कार्रवाई पहले ही वापस ले ली है, इसके बावजूद अंबानी को जानबूझकर निशाना बनाया गया है."
रिलायंस समूह ने ED द्वारा संपत्ति कुर्की पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि कुर्क की गई अधिकांश संपत्तियां RCom की हैं, जो वर्तमान में Resolution Professional और SBI के नेतृत्व वाली लेनदारों की समिति के नियंत्रण में है. समूह ने कहा कि इसका रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर और रिलायंस पावर के व्यावसायिक परिचालन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा.