भारतीय पासपोर्ट केवल भारत के नागरिकों को जारी किया जाता है- MEA
नई दिल्ली । डेस्क: भारत में पासपोर्ट को लेकर चल रही एक बड़ी बहस के बीच विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस पर अपनी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट कर दी है. विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि भारतीय पासपोर्ट सरकार द्वारा जारी किया जाने वाला एक ऐसा आधिकारिक दस्तावेज़ है, जिसका उपयोग भारतीय नागरिकों के देश से बाहर जाने को विनियमित (regulate) करने के लिए किया जाता है.
मंत्रालय ने यह भी साफ किया कि यह दस्तावेज़ एक स्थापित प्रक्रिया और गहन सत्यापन के बाद ही नागरिकों को जारी किया जाता है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से जब इस संबंध में सवाल पूछा गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत भारतीय पासपोर्ट केवल भारत के नागरिकों को ही जारी किया जाता है. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वर्तमान में भारत की कुल आबादी में से 8 प्रतिशत से भी कम नागरिकों के पास पासपोर्ट उपलब्ध है.
यह स्पष्टीकरण हाल ही में पैदा हुए उस विवाद के बाद आया है, जब जून में 'पासपोर्ट सेवा दिवस' के मौके पर विदेश मंत्रालय के ही एक वरिष्ठ अधिकारी ने अनौपचारिक बातचीत में कह दिया था कि पासपोर्ट केवल एक यात्रा दस्तावेज़ (ट्रैवल डॉक्युमेंट) है, नागरिकता का प्रमाण नहीं.
इस बयान के बाद देश में यह कानूनी बहस छिड़ गई थी कि क्या पासपोर्ट को नागरिकता के पक्के सबूत के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है या नहीं. अब विदेश मंत्रालय के इस नए बयान ने इस पर चल रहे भ्रम को दूर करने का प्रयास किया है.