अंबिकापुर: प्लेस ऑफ सेफ्टी से ग्रिल तोड़कर तीन किशोर फरार
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अंबिकापुर में स्थित 'प्लेस ऑफ सेफ्टी' से शुक्रवार तड़के सुरक्षा व्यवस्था को चकमा देकर तीन अपचारी किशोर फरार हो गए. चोरी के मामलों में बंद इन किशोरों ने बाथरूम के रोशनदान की लोहे की ग्रिल तोड़ी और बाउंड्री पार कर निकल भागे.
एक ही परिसर से किशोरों के भागने की यह लगातार तीसरी घटना है, जिससे पुलिस और प्रशासनिक हलके में हड़कंप मच गया है. मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर अजीत वसंत ने संस्था के अधीक्षक को निलंबित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं.
पूरी घटना शुक्रवार सुबह योग सत्र के दौरान सामने आई. जानकारी के मुताबिक, 16 से 18 वर्ष की आयु के ये तीनों किशोर योग शुरू होने से ठीक पहले शौचालय जाने का बहाना बनाकर अंदर गए थे.
जब योग के समय वे उपस्थित नहीं मिले, तो कर्मचारियों ने उनकी तलाश शुरू की. सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर तीनों एक साथ परिसर से बाहर भागते हुए दिखाई दिए. इनमें से दो किशोर कोरिया जिले और एक बलरामपुर जिले का रहने वाला है, जिनका पहले भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है.
घटना की जानकारी मिलते ही कलेक्टर अजीत वसंत और एसएसपी राजेश अग्रवाल ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. एसएसपी ने पूरे परिसर का सिक्योरिटी ऑडिट कराने और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के निर्देश दिए हैं.
वहीं, फरार किशोरों को पकड़ने के लिए जिलेभर में नाकेबंदी की गई है. बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और अन्य संदिग्ध ठिकानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, हालांकि देर शाम तक उनका कोई सुराग नहीं लग सका था.
सुरक्षा में बड़ी चूक को देखते हुए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं. कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग और ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के अधिकारियों को भवन की खिड़कियां छोटी करने, चारदीवारी को मजबूत बनाने और मरम्मत कार्य तुरंत शुरू करने का आदेश दिया है.
इसके अलावा, अपचारी बालकों की मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग कराने तथा बार-बार ऐसी हरकत करने वाले किशोरों को दूसरे जिलों में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं.
गौरतलब है कि गांधीनगर थाना क्षेत्र स्थित इस परिसर में सुरक्षा सेंधमारी का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले 24 जून को बाल संरक्षण गृह से 11 किशोर फरार हो गए थे, जिन्हें बाद में पकड़ लिया गया था. वहीं 14 जुलाई को भी 13 किशोर पुराना दरवाजा तोड़कर भाग निकले थे, जिनमें से 4 अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. बार-बार हो रही इन घटनाओं ने केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.