शुक्र, 16 अक्टू. 2026

CGKhabar

अंबिकापुर स्वामी आत्मानंद कॉलेज घोटाला: पूर्व CEO समेत 9 लोगों पर FIR के आदेश

C

CG Khabar

14 अक्टू. 2026, 03:19 AM 2 मिनट में पढ़ें 1

FIR
FIR

अंबिकापुर । संवाददाता: सरगुजा जिले के केशवपुर स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम महाविद्यालय में जीर्णोद्धार और सौंदर्यकरण के नाम पर 1.32 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला अब पुलिस तक पहुंच गया है. मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए नगर कोतवाली थाना पुलिस को पूर्व जनपद पंचायत सीईओ, उप अभियंताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और ठेकेदारों सहित कुल नौ आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया है. 


कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पद का दुरुपयोग कर फर्जीवाड़ा और आपराधिक षड्यंत्र रचना किसी भी सरकारी कर्मचारी के आधिकारिक कर्तव्यों के दायरे में नहीं आता, इसलिए इसमें लोकसेवकों को मिलने वाला कानूनी संरक्षण मान्य नहीं होगा. हालांकि, मामले की प्रारंभिक जांच करने वाली समिति के अधिकारियों को इस कार्रवाई से बाहर रखा गया है.


यह पूरा मामला आरटीआई कार्यकर्ता अभय नारायण पांडेय द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया. प्रस्तुत दस्तावेजों के अनुसार, मार्च 2023 में डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) फंड से कॉलेज परिसर में तीन अलग-अलग निर्माण कार्यों के लिए 1,32,33,000 रुपये मंजूर किए गए थे. 


इनमें सीसी रोड, गार्डन, लाइब्रेरी, लैब, प्राचार्य कक्ष और पार्किंग शेड का निर्माण शामिल था. निर्माण की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत केशवपुर को सौंपी गई थी, लेकिन तत्कालीन प्रशासनिक अधिकारियों ने बिना किसी खुली निविधा (टेंडर) प्रक्रिया के मेसर्स अनन्या कंस्ट्रक्शन और मेसर्स स्मृति कंस्ट्रक्शन को आरटीजीएस व चेक के जरिए भुगतान कर दिया.


जांच में यह चौकाने वाली बात भी सामने आई कि स्मृति कंस्ट्रक्शन के दस्तावेजों में दर्ज मोबाइल नंबर तत्कालीन उप अभियंता विवेक प्रताप सिंह राठौर का निकला. वहीं, ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव ने अपने आधिकारिक बयानों में स्वीकार किया था कि उन पर अधिकारियों का भारी दबाव था, जिसके कारण उन्होंने निर्माण एजेंसी के रूप में केवल हस्ताक्षर किए थे. 


पूर्व में जिला पंचायत उपाध्यक्ष आदित्येश्वर शरण सिंह देव की शिकायत पर जिलाधिकारी द्वारा गठित चार सदस्यीय जांच टीम ने भी माना था कि मौके पर स्वीकृत प्राक्कलन और तकनीकी मानकों के अनुसार काम नहीं कराया गया था. 


अदालत के ताजा आदेश के बाद अब तत्कालीन जनपद पंचायत सीईओ सुरेश्वर नाथ तिवारी, उप अभियंता विवेक प्रताप सिंह राठौर, उप अभियंता उपेंद्र सिंह सेंगर, तत्कालीन लिपिक शैलेंद्र मिश्र, तत्कालीन सचिव राम प्रकाश यादव, तत्कालीन सरपंच इम्तान सिंह तथा कारोबारी सुयश अग्रवाल व अरविंद कुमार अग्रवाल समेत संबंधित फर्मों पर आपराधिक षड्यंत्र, गबन और धोखाधड़ी का शिकंजा कसना तय हो गया है.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP