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क्या अल-फलाह यूनिवर्सिटी फर्जी है ?

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14 नव. 2025, 01:53 AM 2 मिनट में पढ़ें 2

अल-फलाह यूनिवर्सिटी
अल-फलाह यूनिवर्सिटी

नई दिल्ली । डेस्क: राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (NAAC) ने अल-फलाह विश्वविद्यालय को उसकी वेबसाइट पर कथित तौर पर फर्जी प्रत्यायन विवरण प्रदर्शित करने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है. अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी. यह कार्रवाई तब हुई है जब विश्वविद्यालय पहले से ही लाल किला विस्फोट और कथित "व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल" के सिलसिले में जाँच के दायरे में है, जिसमें तीन डॉक्टर गिरफ्तार किए गए हैं जो विश्वविद्यालय से जुड़े थे.


NAAC ने अपने नोटिस में स्पष्ट किया कि अल-फलाह विश्वविद्यालय "न तो NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त है और न ही उसने मान्यता के लिए आवेदन किया है," इसके बावजूद उसने अपनी वेबसाइट पर यह भ्रामक दावा किया कि इसके तहत चल रहे दो कॉलेज (स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी और स्कूल ऑफ एजुकेशन एंड ट्रेनिंग) को NAAC द्वारा 'ए' ग्रेड दिया गया है. NAAC ने इस दावे को "बिल्कुल गलत और जनता, विशेषकर माता-पिता, छात्रों और हितधारकों को गुमराह करने वाला" बताया है और विश्वविद्यालय को तत्काल सभी NAAC संदर्भ हटाने का निर्देश दिया है.

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फरीदाबाद, हरियाणा के धौज गाँव में स्थित अल-फलाह विश्वविद्यालय की स्थापना 2014 में हुई थी और इसे पहले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय और जामिया मिलिया इस्लामिया के विकल्प के रूप में देखा जाता था. हालाँकि, अब जाँचकर्ता यह पता लगा रहे हैं कि यह निजी संस्थान कथित तौर पर आतंक से जुड़ी गतिविधियों में शामिल उच्च शिक्षित व्यक्तियों का केंद्र कैसे बन गया.


सोमवार को लाल किला के पास हुए विस्फोट के बाद से यह विश्वविद्यालय जाँच के केंद्र में है. विश्वविद्यालय से जुड़े डॉ. मुजम्मिल गनई, डॉ. शाहीन सईद और डॉ. उमर नबी सहित कई लोगों को आतंकी गतिविधियों में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया है. अधिकारियों ने मौलवी इश्तेयाक को भी हिरासत में लिया है, जिसने कथित तौर पर कैंपस के पास अपने किराए के घर में 2,500 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक जमा करने में मदद की थी.


विश्वविद्यालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर इन दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रमों पर दुख व्यक्त किया है और गिरफ्तार किए गए संकाय सदस्यों से "केवल एक व्यावसायिक संबंध" होने का दावा करते हुए खुद को इन गतिविधियों से दूर कर लिया है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP