मंगल, 27 अक्टू. 2026

CGKhabar

"एकजुट जनता कभी पराजित नहीं हो सकती": न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी

ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव में लुइज इनासियो लूला दा सिल्वा ने रन-ऑफ मुकाबले में दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोलसोनारो को हराकर अपना चौथा गैर-लगातार कार्यकाल सुरक्षित कर लिया है. इस जीत के बाद दुनिया भर के प्रगतिशील नेताओं ने जश्न मनाया, जबकि अमेरिकी दक्षिणपंथी खेमे ने वोटिंग के समय विस्तार को लेकर सवाल उठाए हैं.

C

CG Khabar

27 अक्टू. 2026, 01:15 AM 4 मिनट में पढ़ें 34

जोहरान ममदानी- न्यूयॉर्क के मेयर
जोहरान ममदानी- न्यूयॉर्क के मेयर

नई दिल्ली । डेस्क: ब्राजील के राष्ट्रपति चुनाव के नतीजों ने एक बार फिर दक्षिण अमेरिका की राजनीति में बड़ी हलचल पैदा कर दी है. देश के वरिष्ठ वामपंथी नेता लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा ने कड़े रन-ऑफ मुकाबले में अपने प्रतिद्वंद्वी और दक्षिणपंथी सीनेटर फ्लेवियो बोलसोनारो को मात देकर चौथे गैर-लगातार कार्यकाल पर कब्जा जमा लिया है.

इस चुनाव परिणाम के सामने आते ही विवाद भी शुरू हो गया है. फ्लेवियो बोलसोनारो ने सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस क्रिस्टियानो ज़ानिन द्वारा वोटिंग के लिए दिए गए दो घंटे के अतिरिक्त समय को "अस्वीकार्य" बताते हुए रविवार के मतदान को रद्द करने की मांग की है. हालांकि, दिलचस्प बात यह रही कि वोटिंग का समय बढ़ाने का अनुरोध दोनों ही प्रत्याशियों की ओर से किया गया था.

अमेरिकी राजनीति में दो फाड़: ममदानी और सैंडर्स ने दी बधाई, डोनाल्ड ट्रंप जूनियर का हमला

लूला डा सिल्वा की जीत पर अमेरिकी राजनीतिक गलियारों में स्पष्ट विभाजन देखने को मिला. न्यूयॉर्क शहर के मेयर जोहरान ममदानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए लिखा, "एकजुट जनता को कभी हराया नहीं जा सकता!"

वहीं प्रगतिशील अमेरिकी सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने लूला को उनकी "असाधारण जीत" पर बधाई देते हुए कहा कि ब्राजील के राष्ट्रपति ने हमेशा श्रमिकों और लोकतंत्र के हक के लिए आवाज उठाई है और वह आने वाले चार वर्षों तक भी ऐसा करना जारी रखेंगे. कांग्रेसमैन रो खन्ना ने टिप्पणी की कि दुनिया भर में लोग उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ रहे हैं और ब्राजील में जनता की जीत हुई है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को इन नतीजों का सम्मान करना चाहिए. इसके अलावा कैलिफोर्निया के गवर्नर गेविन न्यूसम के कार्यालय ने भी लोकतंत्र और पर्यावरण संरक्षण के समर्थन में ब्राजील के साथ खड़े होने की बात कही.

दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बेटे डोनाल्ड ट्रंप जूनियर ने दो घंटे के वोटिंग विस्तार पर सवाल खड़े करते हुए मुख्यधारा के मीडिया की आलोचना की. उन्होंने कहा कि अगर ब्राजील में किसी रूढ़िवादी सरकार ने ऐसा कदम उठाया होता तो अमेरिकी मीडिया हंगामा खड़ा कर देता, लेकिन इस बार अपने राजनीतिक हित के कारण सब चुप हैं.

विज्ञापन

लैटिन अमेरिकी देशों का समर्थन और 'प्रोग्रेसिव कमबैक' का संदेश

लैटिन अमेरिका के पड़ोसी देशों में लूला की जीत को वामपंथी और प्रगतिशील ताकतों के पुनरुद्धार के रूप में देखा जा रहा है. मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शेनबौम ने लिखा, "लोकतंत्र अमर रहे, ब्राजील की जनता की जीत हुई है." क्यूबा के राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनल ने इसे ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि यह शांति, संप्रभुता और सामाजिक न्याय के रास्ते को निरंतरता प्रदान करती है.

स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने इसे वैश्विक स्तर पर "प्रोग्रेसिव कमबैक" (प्रगतिशील ताकतों की वापसी) की शुरुआत करार दिया. इसके अलावा चिली के राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्ट, पेरू की राष्ट्रपति केइको फुजीमोरी, बोलीविया के राष्ट्रपति रोड्रिगो पाज़, पनामा के राष्ट्रपति जोस राउल मुलिनो, इक्वाडोर के राष्ट्रपति डैनियल नोबोआ, पराग्वे के राष्ट्रपति सेंटियागो पेना, उरुग्वे के राष्ट्रपति यामंदू ओरसी और अर्जेंटीना की पूर्व राष्ट्रपति क्रिस्टीना किर्चनर ने भी लूला डा सिल्वा को फोन और सोशल मीडिया के जरिए शुभकामनाएं भेजीं और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई.

वैश्विक शक्तियों और पश्चिमी देशों का रुख

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने लूला को बधाई देते हुए दोनों देशों के बीच वाणिज्यिक संबंधों को बढ़ाने, पर्यावरण सुरक्षा और आर्थिक समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई. यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि ब्राजील में लोकतंत्र और बहुपक्षवाद की जीत हुई है और यूरोप मुक्त व्यापार व जलवायु लक्ष्यों के लिए ब्राजील के साथ मिलकर काम करता रहेगा. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी एक निष्पक्ष दुनिया के निर्माण के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर बल दिया.

पूर्वी शक्तियों की बात करें तो चीन और रूस दोनों ने ही लूला की जीत का स्वागत किया है. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि बीजिंग 'चीन-ब्राजील साझा भविष्य' के निर्माण को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है. वहीं रूस के क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने द्विपक्षीय संबंधों और ब्रिक्स (BRICS) संगठन में लूला डा सिल्वा के योगदान की सराहना करते हुए आने वाले समय में भी ऐसे ही सहयोग की उम्मीद जताई.

यह खबर शेयर करें: WhatsApp Facebook
नेतन्याहू
देश-विदेश

ऐतिहासिक मोड़ पर इजराइल: आम चुनाव में नेतन्याहू की साख दांव पर

एक घंटा पहले

AI Generated Photo
देश-विदेश

प्रेस की आजादी पर ट्रंप से सीधी टक्कर: मीडिया संस्थानों के बाद अब अमेरिकी जनता पहुंची अदालत

2 घंटे पहले

लूला डा सिल्वा
देश-विदेश

ब्राजील में लूला डा सिल्वा की जीत से अमेरिका के वर्चस्व और दुर्लभ खनिजों की होड़ को लगा झटका

2 घंटे पहले

ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड
देश-विदेश

पश्चिम बंगाल: कोयला खदान में लिफ्ट खराब होने से 50 मीटर नीचे फंसे कई मजदूर

2 घंटे पहले

चुनाव आयोग
देश-विदेश

सुप्रीम कोर्ट में निर्वाचन आयोग का दावा: सभी निर्णय तीनों आयुक्तों की सर्वसम्मति से हुए

3 घंटे पहले

बांध- File Photo
देश-विदेश

तिब्बत में दुनिया का सबसे बड़ा बांध: भारत-बांग्लादेश में बाढ़ के खतरे की चीनी वैज्ञानिकों की चेतावनी

6 घंटे पहले

CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP