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ग्लोबल टाइगर डे की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ में मिली बाघ की खाल

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28 जुल. 2026, 01:58 PM 2 मिनट में पढ़ें 1

बाघ, शिकार
बाघ, शिकार

अंबिकापुर | संवाददाता : ग्लोबल टाइगर डे की पूर्व संध्या पर छत्तीसगढ़ से वन्यजीव संरक्षण को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है. वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो WCCB के मध्य क्षेत्रीय दल और सूरजपुर-अंबिकापुर के स्थानीय वन अमले की संयुक्त कार्रवाई में सरगुजा जिले के कुदरगढ़ परिक्षेत्र, गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व के समीप तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक बाघ की खाल बरामद की गई है.


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बरामद खाल को देखकर आशंका जताई जा रही है कि संबंधित बाघ का शिकार गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व के भीतर या उसके आसपास किया गया हो सकता है. हालांकि, इसकी पुष्टि जांच और वैज्ञानिक परीक्षणों के बाद ही हो सकेगी. वन विभाग और WCCB की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस शिकार के पीछे किसी संगठित वन्यजीव तस्करी गिरोह का हाथ तो नहीं है.


यह घटना ऐसे समय सामने आई है, जब देशभर में बाघों के संरक्षण और उनके प्राकृतिक आवासों को सुरक्षित रखने के लिए व्यापक अभियान चलाए जा रहे हैं. ग्लोबल टाइगर डे की पूर्व संध्या पर इस तरह की घटना वन्यजीव संरक्षण की चुनौतियों और अवैध शिकार के बढ़ते खतरे को एक बार फिर उजागर करती है.


गौरतलब है कि लगभग एक माह पूर्व छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र से भी चार बाघों की खाल बरामद की गई थी. लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि प्रदेश में वन्यजीवों के अवैध शिकार और तस्करी के नेटवर्क पर प्रभावी अंकुश लगाने की आवश्यकता है.


वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस मामले में शिकार का संबंध वास्तव में गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व से स्थापित होता है, तो यह प्रदेश के सबसे महत्वपूर्ण बाघ आवासों में से एक के लिए गंभीर चिंता का विषय होगा. मामले की जांच जारी है और अधिकारियों से विस्तृत जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP