धर्मांतरण को लेकर विधेयक लाने की तैयारी- साय
छत्तीसगढ़ के बस्तर में धर्मांतरण एक बड़ी समस्या- विष्णुदेव साय
बस्तर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने एक दिवसीय प्रवास पर रविवार को जगदलपुर पहुंचे. सीएम साय ने कहा कि बस्तर में धर्मांतरण एक बड़ी समस्या है. भोले-भाले आदिवासियों का मतांतरण करना बस्तर में जारी है, जिससे आदिवासी संस्कृति और परंपरा को भी खतरा है. कई मामलों में सरकार के द्वारा कार्यवाही की जा रही है. आने वाले समय में विधानसभा सत्र में एक कड़ा विधेयक भी लाया जा रहा है.
अपने तय कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री ने यहां वन विद्यालय परिसर में आयोजित आदिवासी जनजाति धुरवा समाज के नवाखाई कार्यक्रम में शिरकत कर समाज के नए भवन का लोकापर्ण किया.
मुख्यमंत्री ने कहा कि धुरवा समाज का नवाखाई त्यौहार आदिवासियों की प्राचीन परंपराओं में से एक है, जिसमें नए चावल का पहले भोग देवी- देवताओं को लगाया जाता है. उसके बाद उसे खाया जाता है. बस्तर के आदिवासियों की यह संस्कृति और परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है.
साय ने कहा कि धुरवा और माहरा दोनों ही समाज के द्वारा सरकार से कुछ मांगें रखी गई हैं, इसे भी पूरा करने की कवायद सरकार द्वारा की जा रही है. सीएम के साथत डिप्टी सीएम व गृहमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे. पीडीएस चावल घोटाले पर हो रही कार्यवाही
वहीं बस्तर जिले में 6 हजार क्विंटल पीडीएस के चावल की हुई कालाबाजारी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि पीडीएस चावल घोटाला के मामले कहीं भी मिल रहे हैं. उसमें लगातार कार्यवाही की जा रही है.
बस्तर जिले में भी इस मामले की पूरी जांच कर कर दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
शहीद गुंडाधुर की 6 वीं पीढ़ी ने किया धर्मांतरणगौरतलब है कि एक तरफ जहां मुख्यमंत्री आदिवासी जनजातियों के साथ मिलन समारोह मना रहे हैं. नवाखानी कार्यक्रम में भी शामिल हो रहे हैं. वहीं आदिवासी जनजातियों के आदर्श शहीद वीर गुंडाधुर की छठवीं पीढ़ी ने भी धर्मांतरण कर लिया है.
खास बात यह है कि बस्तर में सबसे ज्यादा धर्मांतरण ग्रामीण अंचलों में हुआ है, जिसमे आदिवासियों के सभी समाज के ग्रामीण शामिल हैं.