पाकिस्तान ने बीएसएफ के अगवा जवान को छोड़ा
अमृतसर | संवाददाताः पाकिस्तान ने भारत के अगवा बीएसएफ के जवान पूर्णम कुमार शॉ को छोड़ दिया है. जवान 21 दिनों तक पाकिस्तान में बंधक रहे. पाकिस्तान ने उन्हें भारत को सकुशल सौंपा है. जवान पूर्णम बुधवार सुबह 10:30 बजे अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते भारत पहुंचा.
भारत पहुंचते ही जवान को मेडिकल जांच के लिए ले जाया गया है. पूछताछ के बाद उन्हें घर जाने दिया जाएगा. बीएसएफ ने प्रेस रिलीज के जरिए जवान पूर्णम के भारत लौटने की जानकारी दी है.
दरअसल, आरक्षक पूर्णम शॉ 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के अगले दिन 23 अप्रैल को फिरोजपुर सेक्टर में ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान गलती से पाकिस्तान चले गए थे.
इसके बाद उन्हें पाकिस्तान रेंजर्स ने हिरासत में ले लिया था. बीएसएफ आरक्षक 21 दिनों तक पाकिस्तान में बंधक रहे.
23 अप्रैल को ही पाकिस्तानी रेंजर्स ने जवान पूर्णम शॉ की दो फोटो जारी की थी. पहली फोटो में पूर्णम पेड़ के नीचे खड़े थे. उनकी राइफल, पानी की बोतल, बैग जमीन पर पड़ा था. दूसरी फोटो में जवान की आंखों पर पट्टी बंधी थी.
गलती से पाकिस्तानी सीमा में प्रवेश करने वाले बीएसएफ जवान की रिहाई के लिए कई बार पाकिस्तानी रेंजर्स से बातचीत की गई. मगर पाकिस्तानी रेंजर्स की तरफ से कोई ठोस जवाब नहीं मिल रहा था.
इसके बाद भारत की ओर से लगातार फ्लैग मीटिंग के जरिए कोशिश की गई. लेकिन जवान की रिहाई की बात नहीं बनी.
बीएसएफ के डायरेक्टर जनरल दलजीत सिंह चौधरी ने केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन से भी इस बारे में बातचीत की थी लेकिन बात नहीं बन पाई.
आखिरी में डीजीएमओ लेवल पर बातचीत के बाद उन्हें छोड़ा गया. इस समय उसका परिवार भी मौजूद था.
जवान शॉ मूल रूप से पश्चिम बंगाल में हुगली के रिसड़ा गांव के रहने वाले हैं. उसकी पत्नी रजनी शॉ गर्भवती हैं. वह पति को छुड़ाने विभिन्न स्तरों पर गुहार लगा रही थीं.
28 अप्रैल को रजनी पश्चिम बंगाल से फिरोजपुर पहुंची थी. जहां उन्होंने बीएसएफ सीनियर अधिकारियों से मुलाकात की थी.