शराब घोटालाः त्रिपाठी सहित 3 को जमानत
छत्तीसगढ़ शराब घोटालाः त्रिपाठी सहित 3 को जमानत
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आरोपी अरुणपति त्रिपाठी, अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है.
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने तीनों को जमानत दे दी. वहीं अनवर ढेबर और पूर्व आईएएस अनिल टुटेजा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया. अभी इन दोनों को जेल में ही रहना होगा.
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में ईओडब्ल्यू द्वारा दर्ज मामले में सुनवाई हुई. आज अनुराग द्विवेदी और दीपक दुआरी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ अग्रवाल व शशांक मिश्रा व अरुणपति त्रिपाठी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता मिनाक्षी माथुर ने पैरवी की.
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एएस ओक की बेंच ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मामले में दर्ज किए गए निष्कर्षों पर विचार करने के बाद अपीलकर्ताओं को जमानत दी जानी चाहिए. इससे जांच किसी भी तरह प्रभावित नहीं होगी. हालांकि कोर्ट ने आरोपियों को 10 अप्रैल को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है.
जमानत देने के साथ कोर्ट ने कुछ शर्तें भी रखी हैं, जिसका पालन आरोपियों को करना होगा. शर्त के मुताबिक आरोपियों को अपना पासपोर्ट जमा करना होगा और वे देश से बाहर नहीं जा सकेंगे. साथ ही रोज जांच अधिकारी के पास हाजिरी देनी होगी.
हालांकि अनवर ढेबर और अनिल टुटेजा को जमानत नहीं मिली. अनवर ढेबर पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट और अन्य गंभीर आरोप हैं. अनिल टुटेजा अन्य मामलों में भी संलिप्त पाए गए हैं. इस कारण से उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई.
ज्ञात हो कि भूपेश सरकार के कार्यकाल में आबकारी विभाग के एमडी रहे अरुणपति त्रिपाठी 2000 करोड़ रुपए से ज्यादा के शराब घोटाले के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिग मामले में आरोपी बनाए गए हैं.
ईडी की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिग मामले में इससे पहले भी उन्हें जमानत दे दी गई थी. लेकिन शराब घोटाले में आरोपी होने की वजह से वह जेल से बाहर नहीं निकल पाए थे. उनके खिलाफ झारखंड में भी शराब घोटाले का आरोप है. इस मामले में ईडी और ईओडब्ल्यू दोनों जांच कर रही है.