रायगढ़ के मंगल कार्बन प्लांट विस्फोट में घायल 9 माह की मासूम ने दम तोड़ा
रायगढ़ । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के खरसिया स्थित मंगल कार्बन प्लांट में हुए भीषण हादसे ने आखिरकार एक मासूम की जान ले ली. फर्नेस फटने से बुरी तरह झुलसी नौ महीने की बच्ची, भूमि खड़िया, ने रायपुर के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान अंतिम सांस ली.
5 फरवरी को हुए इस टायर-पायरोलिसिस प्लांट धमाके की चपेट में कुल आठ लोग आए थे, जिनमें से गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए राजधानी रायपुर के कल्दा बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में भर्ती कराया गया था. भूमि की मौत के बाद अब भी छह घायलों का संघर्ष जारी है, जिनमें से कई वेंटिलेटर पर हैं.
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घायलों की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है. साहेब लाल खड़िया, शिव खड़िया और इंदीवर लगभग 80 से 90 प्रतिशत तक झुलस चुके हैं, जबकि कौशल और प्रिया भी 70 से 80 फीसदी जलने के कारण गंभीर अवस्था में हैं. उदाशिनी खड़िया का भी अस्पताल में उपचार चल रहा है.
चिकित्सों के अनुसार, अत्यधिक झुलसने और फेफड़ों में धुआं भरने के कारण घायलों को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही है, जिसके चलते उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली पर रखा गया है.
इस त्रासदी के बाद स्थानीय जनमानस और सामाजिक संगठनों में गहरा आक्रोश व्याप्त है. विभिन्न संगठनों ने एकजुट होकर पीड़ित परिवारों के लिए तत्काल भारी मुआवजे और आर्थिक सहायता की पुरजोर मांग की है. साथ ही, यह मांग भी उठाई गई है कि इलाज का पूरा खर्च प्लांट प्रबंधन द्वारा वहन किया जाए.
संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए आरोप लगाया है कि पीड़ितों पर बयान बदलने और एफआईआर वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है. उन्होंने प्रशासन से दोषी प्रबंधन और लापरवाह अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवारों को सुरक्षा मुहैया कराने की अपील की है.