500 राजस्व अधिकारियों की हड़ताल, तहसील कामकाज ठप
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ में राजस्व अधिकारियों के साथ बदसलूकी के मामले ने अब एक बड़े प्रशासनिक और राजनीतिक संकट का रूप ले लिया है. सरगुजा जिले के सीतापुर में भाजपा विधायक रामकुमार तोप्पो और उनके समर्थकों द्वारा एक नायब तहसीलदार के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के विरोध में सोमवार से राज्य के लगभग 500 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों ने अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है.
छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संगठन के अध्यक्ष कृष्ण कुमार लहरे ने बताया कि सरगुजा में 27 मई को नायब तहसीलदार तुषार माणिक के साथ हुई इस घटना के विरोध में यह कदम उठाया गया है. संगठन ने जिला कलेक्टर के माध्यम से सरकार को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस आश्वासन न मिलने के बाद यह राज्यव्यापी आंदोलन शुरू किया गया.
इस हड़ताल के कारण प्रदेश की 146 तहसीलों और उप-तहसीलों में राजस्व से जुड़ा पूरा कामकाज ठप हो गया है. जमीन के नामांतरण (म्यूटेशन), विभिन्न सरकारी प्रमाणपत्रों के आवेदन, राजस्व अदालतों के मामले, भूमि अधिग्रहण और हितग्राही सत्यापन जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं पूरी तरह रुक गई हैं, जिससे आम जनता को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.
इस मामले में पुलिस ने सीतापुर में दोनों पक्षों की शिकायतों पर एफआईआर (क्रॉस केस) दर्ज की है. जहां एक ओर नायब तहसीलदार ने विधायक और उनके समर्थकों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और मारपीट का आरोप लगाया है, वहीं दूसरी ओर एक महिला की शिकायत पर राजस्व अधिकारी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है.
इस विवाद ने राज्य में एक बड़ा राजनीतिक तूल पकड़ लिया है. मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को लेकर प्रदेश सरकार के 'सुशासन तिहार' अभियान पर निशाना साधा है और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं.
दूसरी तरफ, शासकीय कर्मचारियों के सबसे बड़े संगठन 'छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन' (सीकेएएफ) ने भी इस घटना पर कड़ा रुख अपनाया है. फेडरेशन के प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने जनप्रतिनिधियों द्वारा अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार और हिंसा की बढ़ती घटनाओं पर गहरी चिंता जताई है.
उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकारी सेवकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कड़े कदम नहीं उठाए गए, तो पूरे राज्य के कर्मचारी एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.