पश्चिम बंगाल में सुबह 11 बजे तक 41% मतदान: मुर्शिदाबाद में बमबारी
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की 152 विधानसभा सीटों पर हो रहे मतदान के दौरान मतदाताओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मतदान के पहले कुछ घंटों में ही सुबह 11 बजे तक राज्य में औसतन 41 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई है.
चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न जिलों में मतदान का प्रतिशत काफी प्रभावशाली रहा है. पश्चिम मेदिनीपुर 44.69% के साथ सबसे आगे है, जबकि झाड़ग्राम में 43.71%, बांकुड़ा में 43.22% और पूर्व मेदिनीपुर में 42.16% मतदान हुआ है. अन्य प्रमुख जिलों जैसे बीरभूम में 41.92%, मुर्शिदाबाद में 41.59% और दार्जिलिंग में 39.72% मतदान रिकॉर्ड किया गया है.
हालांकि, मतदान की इस प्रक्रिया के बीच हिंसा और शिकायतों का दौर भी शुरू हो गया है. सुबह 11 बजे तक चुनाव आयोग के पास कुल 635 शिकायतें दर्ज कराई गई हैं. इनमें से 260 शिकायतें सीधे चुनाव आयोग के कार्यालय में दी गई हैं, जबकि 375 शिकायतें 'cVIGIL' ऐप के माध्यम से नागरिकों द्वारा भेजी गई हैं.
मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल कंट्रोल रूम से राज्य के सभी 152 निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्येक बूथ की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रख रहे हैं ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.
जमीनी स्तर पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, विशेषकर मुर्शिदाबाद जिले में जहां क्रूड बम फेंके जाने की खबर से हड़कंप मच गया है.
इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने राज्य सरकार पर कड़ा प्रहार किया.
उन्होंने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में अनियमितताएं चरम पर हैं और बांग्लादेशी घुसपैठ के कारण देश की आंतरिक सुरक्षा को खतरा पैदा हो रहा है.
घोष ने कहा कि चाहे सीएए (CAA) हो या वक्फ बिल, हर मुद्दे पर यहां अशांति फैलाई जाती है.
दूसरी ओर, मुर्शिदाबाद के नौदा विधानसभा क्षेत्र के शिवनगर में भारी विरोध प्रदर्शन देखा गया. यहाँ तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने 'आम जनता उन्नयन पार्टी' के नेता हुमायूं कबीर को घेर लिया और उनके खिलाफ 'गो बैक' के नारे लगाए. भारी पुलिस बल की मौजूदगी के बावजूद इलाके में तनाव बरकरार है. Symbolic Photo