राज्य की जनता की आय में 38 रु. का इज़ाफा- चौधरी
छत्तीसगढ़ राज्य की जनता की आय में 38 रु. का इज़ाफा- चौधरी
रायपुर | संवाददाताः छत्तीसगढ़ सरकार में वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में प्रदेश का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए बताया कि राज्य के प्रति व्यक्ति की आय में बढ़ोतरी हुई है.
छत्तीसगढ़ में एक आदमी एक दिन में करीब 446 रुपए कमा रहा है.
जबकि साल 2023-24 में उसकी अनुमानित आय 408 रुपए प्रतिदिन थी.
कुल मिलाकर आम जनता की आय में 38 रुपए का इज़ाफा हुआ है.
यह सरकार का प्रति व्यक्ति आय को लेकर एक अनुमान है, जो साल 2025 के फाइनेंशियल ईयर के लिए लगाया गया है.
सरकारी अनुमान के अनुसार साल 2023-24 में राज्य में प्रति व्यक्ति सालाना आय 1 लाख 48 हजार 22 रुपए थी. जो बढ़कर साल 2024-25 में सालाना 1लाख 62 हजार 870 रुपए होना अनुमानित है.
यह सरकार का अग्रिम अनुमान है.
राज्य सरकार ने जनता की आय में पिछले बार के मुकाबले 9.37% की बढ़ोतरी का अंदेशा जताया है.
सरकार की ओर से बताए गए प्रति व्यक्ति आय का ये आंकड़ा एक साल का है.
विकास दर के अनुसार आय का अनुमान
वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने विधानसभा में कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 में राज्य की अनुमानित विकास दर 7.51% है, जो राष्ट्रीय औसत 6.37% से अधिक है.
राज्य सरकार के अनुमान के मुताबिक, छत्तीसगढ़ का सकल राज्य घरेलू उत्पाद साल 2023-24 में 3 लाख 6 हजार 712 करोड़ रुपए से बढ़कर 3 लाख 29 हजार 752 करोड़ होना संभावित है.
औद्योगिक और कृषि क्षेत्र में वृद्धि का अनुमान
आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट के मुताबिक कृषि क्षेत्र में साल 2023-24 में 48 हजार 987 करोड़ रुपए से बढ़कर साल 2024-25 में 51 हजार 621 करोड़ रुपए यानी की 5.38 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान है.
औद्योगिक क्षेत्र में 1 लाख 37 हजार 649 करोड़ रुपए से बढ़कर साल 2024-25 में ग्रोथ 1 लाख 47 हजार 172 करोड़ रुपए यानी कि 6.92% की वृद्धि का अनुमान लगाया गया है.
महंगाई के अनुपात में आय कम
यह आय राज्य के कुल सकल घरेलू उत्पाद यानि GSDP के अनुसार तय की जाती है.
जबकि जिस तरह से हाल के दिनों में अमीरी और गरीबी में गहराते अंतर को व्यक्त करने वाले आंकड़े आये हैं इससे GSDP के अनुसार यह तय नहीं हो पाता कि किसके पास कितनी आय है.
नागरिकों की आय में अंतर एक बहुत बड़ा मुद्दा है.
इस सर्वेक्षण की खामी यह भी है कि जिसके पास एक रुपये की आय नहीं है और जिसके पास लाखों की आय है सबको मिलाकर प्रति व्यक्ति आय का निर्धारण किया जाता है.
सरकारी अनुमान के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में प्रति व्यक्ति 38 रुपये की आय वृद्धि दर्ज की जा रही है. लेकिन इसके मुकाबले महंगाई में कई गुना वृद्धि हुई है.