दल-बदल कानून के तहत अयोग्य घोषित हों TMC के 20 बागी सांसद- अभिषेक बनर्जी
नई दिल्ली । डेस्क: लोकसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने शुक्रवार को स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात कर पार्टी के 20 बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाएं सौंपी हैं. बनर्जी ने मांग की है कि इन सभी सांसदों की संसद सदस्यता तुरंत रद्द की जानी चाहिए क्योंकि इन्होंने स्वेच्छा से पार्टी छोड़ी है, जो कि संविधान की 10वीं अनुसूची (दलबदल विरोधी कानून) का खुला उल्लंघन है.
मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अभिषेक बनर्जी ने कहा कि इन बागी सांसदों ने एक अज्ञात पार्टी 'नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया' (NCPI) में शामिल होने का दावा किया है, जिसके बारे में पहले किसी ने नहीं सुना था.
बनर्जी ने स्पष्ट किया कि संविधान के नियमों के अनुसार, यदि कोई सदस्य जिस पार्टी के सिंबल पर चुनाव जीतकर आता है और बाद में उसे छोड़ देता है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो जाती है.
उन्होंने इस तर्क को भी खारिज कर दिया कि दो-तिहाई सदस्यों का विलय वैध है, और कहा कि विलय का नियम पूरी पार्टी पर लागू होता है, न कि केवल विधायी पार्टी पर.
अभिषेक बनर्जी ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि बंगाल से लेकर महाराष्ट्र तक विपक्षी पार्टियों को तोड़ने की कोशिश की जा रही है, जो कि देश के संविधान को बदलने की एक बड़ी साजिश का हिस्सा है.
उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव न जीत पाने के डर से चुनाव आयोग, ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके जनमत को प्रभावित किया जा रहा है. टीएमसी नेता ने उम्मीद जताई कि लोकसभा अध्यक्ष इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसलों और संवैधानिक प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष और त्वरित निर्णय लेंगे.