रायगढ़ के 150 मजदूर तेलंगाना में बंधक
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ के 150 मजदूर तेलंगाना में बंधक
रायगढ़ | संवाददाताः छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के एकताल गांव के करीब 150 मजदूरों को तेलंगाना में बंधक बनाए जाने का मामला सामने आया है.
ये मजदूर ईंट भट्ठे में काम करने के लिए गए थे और उन्हें वापस आने नहीं दिया जा रहा है.
इस दौरान एक मजदूर की मौत हो गई. इसके बाद भी ठेकेदार उसके शव को लाने नहीं दे रहा था.
काफी मिन्नत और गिड़गिड़ाने के बाद मृतक की पत्नी और उसके परिवार के कुछ लोगों को ही वापस आने दिया गया.
पीड़ित जब शव लेकर गांव पहुंचे तब मामले का पता चला.
अब परिजनों ने रायगढ़ विधायक एवं वित्त मंत्री को ज्ञापन सौंप कर मजदूरों को छुड़ाने की मांग की है.
एकताल गांव जिला मुख्यालय से 15 किलोमीटर दूर और ओडिशा सीमा से सटा हुआ है. यहां लगभग दो सौ लोग निवासरत हैं.
यहां के अधिकांश लोग शिल्पकार हैं और मूर्ति बनाने का काम करते हैं.
मूर्तियों का सीजन खत्म होने के बाद इनके पास काम नहीं होता. जिसके चलते कमाने-खाने के लिए बाहर चले जाते हैं.
शव लाने नहीं दे रहा था ठेकेदार
इस साल भी तीन महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश में यहां के करीब 150 लोग ईट भट्ठों में काम करने तेलगांना चले गए थे.
वहां अलग-अलग ईट भट्ठों में काम करते हैं. इन्हीं में से एक युवक नवीन झारा की सोमवार को मौत हो गई.
परिजन शव लेकर घर जाने की बात कही तो, ठेकेदार ने मना कर दिया.
मृतक की पत्नी सुभाषिनी झारा ठेकेदार के पास काफी मिन्नत की तब जाकर ठेकेदार शव भेजने के लिए तैयार हुआ.
लेकिन उसी भट्ठे में काम कर रहे गांव के अन्य 8 मजदूरों को ठेकेदार जाने से मना कर दिया और उन्हें आने नहीं दिया.
किसी तरह मृतक के शव को एंबुलेंस से रायगढ़ लाया गया है.
दिन रात करवाता है काम
मृतक की पत्नी सुभाषिनी ने बताया कि उनके साथ तेलंगाना में बेटा आदित्य और बेटी अंकिता झारा भी गए थे.
उसके पति से ईट भट्ठा का ठेकेदार दिन रात काम करवाता था. सप्ताह में एक दिन भी छुट्टी नहीं मिलती थी.
ठेकेदार सभी लोगों से जबर्दस्ती ज्यादा काम लेता था.
घर जाने की बात करने पर गाली गलौज करते हुए पिटाई करने की धमकी देता है.
ठेकेदार सभी मजदूरों का पैसा रोककर भी रखता है. जिस वजह से वापस आ भी नहीं सकते.
मजदूरों से करता है मारपीट
मृतक नवीन झारा के भाई घेसरू झारा ने बताया जिस भट्ठी में वे लोग काम करते थे वहां का ठेकेदार मजदूरों को काफी प्रताड़ित करता है.
तेलंगाना के गरुडपेठ गांव में आस-पास बहुत सारे अलग-अलग ईंट भट्ठें हैं.
उन सभी भट्ठों में एकताल के ही मजदूर काम करते हैं. वहां काम और पैसे को लेकर ठेकेदार द्वारा मारपीट भी किया जाता है.
उन्होंने बताया कि दीपावली के आस-पास ईंट भट्ठों के दलाल यहां मजदूरों की तलाश में पहुंचता है.
दलाल मजदूरों को एकमुश्त पैसा देकर फंसाता है.
बीस से तीस हजार रुपये एक साथ मिलने से मजदूर भी उनके साथ चले जाते हैं. वहां पहुंचने के बाद मजदूरों का शोषण किया जाता है.