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10 माओवादियों का बालाघाट में आत्मसमर्पण

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07 दिस. 2025, 05:28 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

नक्सली आत्मसमर्पण
नक्सली आत्मसमर्पण

भोपाल । डेस्क: मध्य प्रदेश के नक्सल विरोधी अभियान को एक बड़ी सफलता मिली है. कान्हा-भोरमदेव (KB) डिवीजन के 10 माओवादियों ने, जिनमें सर्वाधिक वांछित कमांडर सुरेंद्र उर्फ कबीर भी शामिल है, जिस पर ₹77 लाख का इनाम था, शनिवार देर रात बालाघाट में सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया. यह आत्मसमर्पण हॉक फ़ोर्स की विशेष खुफिया इकाई (SIU) द्वारा सुगम गुप्त वार्ताओं के बाद हुआ.


सूत्रों के अनुसार, माओवादियों ने शुरू में मध्य प्रदेश के अधिकारियों पर भरोसे की कमी के कारण छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पण करने की योजना बनाई थी. हालांकि, हॉक फ़ोर्स की SIU के साथ कई दौर के बैकचैनल संवाद और आश्वासन के बाद, वे बालाघाट में हथियार डालने के लिए सहमत हुए. आत्मसमर्पण को बालाघाट रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) के आधिकारिक बंगले पर औपचारिक रूप दिया गया, जिसके लिए विद्रोहियों ने एक वन रक्षक के माध्यम से संपर्क साधा था जिस पर उन्हें भरोसा था.


अधिकारियों ने बताया कि यह आत्मसमर्पण हॉक फ़ोर्स इंस्पेक्टर आशीष शर्मा की शहादत के बाद शुरू किए गए सघन तलाशी और प्रभुत्व अभियानों के दबाव का परिणाम है. दो वीरता पदक प्राप्त अधिकारी शर्मा की बुधवार को मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के संवेदनशील ट्राई-जंक्शन पर बोर तालाब के पास एक मुठभेड़ में मृत्यु हो गई थी. उनकी शहादत ने हॉक फ़ोर्स, एमपी पुलिस, महाराष्ट्र कमांडो और छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा समन्वित कार्रवाई को प्रेरित किया, जिससे KB डिवीजन के लिए परिचालन क्षेत्र लगातार सिकुड़ता गया.


आत्मसमर्पण करने वालों में स्पेशल एमएमसी ज़ोन के सचिव सुरेंद्र उर्फ कबीर (AK-47 राइफल और 100 राउंड के साथ), उसका करीबी सहयोगी राकेश होदी (AK-47 और 37 राउंड), लालसिंह (INSAS राइफल और 40 राउंड) और जयशीला (SLR और 22 राउंड के साथ) शामिल हैं. पुलिस ने इसे कान्हा-भोरमदेव ज़ोन में दर्ज किए गए सबसे महत्वपूर्ण आत्मसमर्पणों में से एक बताया है. इस घटनाक्रम के साथ, मंडला जिले को अब माओवादी मुक्त माना जा रहा है.


आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने स्वचालित हथियार, राइफलें, ग्रेनेड और डेटोनेटर सुरक्षा बलों को सौंप दिए हैं, जिन्हें फोरेंसिक जांच और खुफिया मानचित्रण के लिए जब्त कर लिया गया है.


सभी 10 कैडर अब राज्य स्तरीय औपचारिक आत्मसमर्पण कार्यक्रम में भाग लेंगे. राज्य की '2023 नक्सल आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति' के तहत, वे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने सार्वजनिक रूप से हथियार डालेंगे, जो एक दुर्लभ और हाई-वैल्यू औपचारिक आत्मसमर्पण होगा. यह घटना माओवादी रैंकों के भीतर बढ़ती दरारों को भी दर्शाती है, विशेष रूप से ACM-स्तरीय कैडर सुनीता के आत्मसमर्पण के कुछ ही हफ्तों बाद यह बड़ा घटनाक्रम सामने आया है.


(Symbolic Photo)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP