H-1B वीज़ा शुल्क में बढ़ोतरी को US चैंबर ऑफ कॉमर्स की कानूनी चुनौती
वाशिंगटन डीसी । डेस्क: अमेरिकी चैंबर ऑफ कॉमर्स (US Chamber of Commerce) ने प्रशासन द्वारा H-1B वीज़ा याचिकाओं पर लगाए गए $100,000 (एक लाख डॉलर) के भारी-भरकम शुल्क को लेकर कानूनी चुनौती दायर की है. चैंबर द्वारा गुरुवार को जारी एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई.
चैंबर ने अपनी याचिका में तर्क दिया है कि यह नया शुल्क अवैध है, क्योंकि यह इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट के उन प्रावधानों का उल्लंघन करता है जो H-1B कार्यक्रम को नियंत्रित करते हैं. इन प्रावधानों में यह भी शामिल है कि शुल्क का निर्धारण वीज़ा प्रोसेसिंग में सरकार द्वारा आने वाली लागत के आधार पर होना चाहिए.
US चैंबर के कार्यकारी उपाध्यक्ष और मुख्य नीति अधिकारी नील ब्रैडली ने इस कार्रवाई की घोषणा करते हुए कहा, "नया $100,000 वीज़ा शुल्क अमेरिकी नियोक्ताओं, विशेष रूप से स्टार्ट-अप्स और छोटे एवं मध्यम आकार के व्यवसायों के लिए H-1B कार्यक्रम का उपयोग करना बेहद महंगा बना देगा. कांग्रेस ने यह कार्यक्रम इसलिए बनाया था ताकि अमेरिका में सभी आकार के व्यवसायों को विकास के लिए आवश्यक वैश्विक प्रतिभा मिल सके."
ब्रैडली ने आगे कहा कि अर्थव्यवस्था को विकास के लिए अधिक कर्मचारियों की आवश्यकता होगी, कम की नहीं. चैंबर ने कुशल श्रमिकों के लिए वीज़ा प्रक्रिया में सुधार हेतु प्रशासन और कांग्रेस के साथ मिलकर काम करने की अपनी तत्परता को दोहराया.
चैंबर ने कहा कि उसका भी लक्ष्य वही है जो राष्ट्रपति का है - "दुनिया के सर्वश्रेष्ठ और प्रतिभाशाली लोगों को अमेरिका में शिक्षित करना, आकर्षित करना और बनाए रखना."