ट्रंप का दावा— ईरान में मैंने 837 फांसी रुकवाई
वॉशिंगटन । डेस्क: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि अमेरिका के दबाव के चलते ईरान सरकार को 837 प्रदर्शनकारियों की फांसी की सजा रद्द करनी पड़ी. ट्रंप के मुताबिक, यदि समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो इन सभी लोगों को फांसी दे दी जाती.
गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा, “मैंने गुरुवार को 837 फांसी रुकवाईं. उन्हें लटकाया जाना था. मैंने ईरान को साफ संदेश दिया था कि अगर इन लोगों को मौत की सजा दी गई, तो इसके गंभीर नतीजे होंगे.”
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान जिन लोगों को फांसी देने की तैयारी कर रहा था, उनमें से अधिकांश कम उम्र के युवा थे.
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी चेतावनी के बाद ईरान सरकार ने न केवल मौत की सजा स्थगित की, बल्कि बाद में उन्हें पूरी तरह रद्द कर दिया. उन्होंने इसे ईरान की ओर से “एक अच्छा संकेत” बताया.
गौरतलब है कि 28 दिसंबर से ईरान में व्यापक विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. शुरुआत में यह आंदोलन महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ था, लेकिन धीरे-धीरे यह धार्मिक शासन के खिलाफ जनविद्रोह में बदल गया.
प्रदर्शनकारियों ने देश के सर्वोच्च धार्मिक नेता आयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता से हटाने की मांग की. इन आंदोलनों को कुचलने के लिए ईरानी सरकार पर बल प्रयोग और गोलीबारी के आरोप लगे हैं. अमेरिका ने इन प्रदर्शनों के प्रति समर्थन जताया था.
इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप ने यह भी घोषणा की कि ईरान पर कड़ी निगरानी के लिए अमेरिका एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा और सैन्य दल उस क्षेत्र की ओर भेज रहा है.
दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से अमेरिका लौटते समय ट्रंप ने कहा, “हमारा एक बड़ा नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और एक बड़ा सैन्य दल भी तैनात किया जा रहा है. हम ईरान पर बेहद करीब से नजर रखेंगे.”
हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि इस कदम का उद्देश्य फिलहाल सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि स्थिति पर नजर रखना है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अमेरिका को ईरान के खिलाफ हथियार उठाने की नौबत नहीं आएगी.