सोनम वांगचुक की पाकिस्तान से संबंधों की जांच, NSA के तहत हिरासत
लेह । डेस्क: लद्दाख के पुलिस महानिदेशक एस डी सिंह जामवाल ने शनिवार को कहा कि सोनम वांगचुक, जो लेह में हाल की हिंसा के पीछे मुख्य उकसावे वाले व्यक्ति माने जा रहे हैं. उनकी पाकिस्तान से कथित संबंधों की जांच की जा रही है. यह जांच पिछले महीने एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट की गिरफ्तारी के बाद शुरू हुई, जिसने वांगचुक के नेतृत्व वाले विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेजे थे.
जामवाल ने बताया कि वांगचुक ने लेह एपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस के नेतृत्व में चल रहे आंदोलन का मुख्य चेहरा होने के नाते, मंच को हाईजैक करने की कोशिश की और केंद्र सरकार व लद्दाख के प्रतिनिधियों के बीच होने वाली बातचीत को बाधित करने का प्रयास किया.
उन्होंने कहा कि वांगचुक ने 25 सितंबर को होने वाली एक अनौपचारिक बैठक की जानकारी होने के बावजूद अपनी भूख हड़ताल जारी रखी.
पुलिस प्रमुख ने वांगचुक की कुछ विदेशी यात्राओं को संदिग्ध बताया.
उन्होंने कहा, "वह पाकिस्तान में 'द डॉन' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए और बांग्लादेश भी गए." इसके अलावा, विदेशी फंडिंग और विदेशी मुद्रा विनिमय अधिनियम (FCRA) के उल्लंघन की भी जांच की जा रही है.
जामवाल ने बताया कि एक पाकिस्तानी खुफिया एजेंट, जो वांगचुक के विरोध प्रदर्शनों के वीडियो सीमा पार भेज रहा था, को हिरासत में लिया गया है.
जामवाल ने वांगचुक के भाषणों को उकसावे वाला करार देते हुए कहा कि उन्होंने अरब स्प्रिंग और नेपाल, बांग्लादेश, और श्रीलंका में हाल की अशांति का जिक्र किया, जिससे उनकी मंशा पर सवाल उठते हैं.
पुलिस ने बुधवार की हिंसा के सिलसिले में 50 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें से आधा दर्जन को मुख्य साजिशकर्ता माना जा रहा है.
बुधवार को हुई हिंसा में चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए.
इस हिंसा में तीन नेपाली नागरिकों के गोली लगने से घायल होने की बात सामने आई है, और कुछ अन्य लोगों की संलिप्तता भी उजागर हुई है.
जामवाल ने कहा कि वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत शुक्रवार को हिरासत में लिया गया और राजस्थान के जोधपुर जेल में भेज दिया गया.
केंद्र सरकार ने लद्दाख के नेताओं को 6 अक्टूबर को एक नई दौर की वार्ता के लिए आमंत्रित किया है.
जामवाल ने कहा कि हिंसा से एक दिन पहले, वांगचुक द्वारा उकसावे वाले वीडियो और बयानों के जरिए जानबूझकर शांतिपूर्ण माहौल को खराब करने की कोशिश की गई.