प बंगाल में निपाह वायरस: 82 की कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग, 21 दिन का क्वारंटीन अनिवार्य
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल में निपाह वायरस को लेकर दहशत का माहौल है. अब तक दो लोगों के निपाह संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है. संक्रमण की खबर सामने आते ही स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी कर दिया है और संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की पहचान की जा रही है.
राज्य स्वास्थ्य विभाग द्वारा 14 जनवरी को निपाह को लेकर विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है, जिसे पांच चिकित्सकों की एक विशेषज्ञ टीम ने तैयार किया है.
गाइडलाइन के अनुसार, निपाह संक्रमित या संदिग्ध मरीज के रक्त, शारीरिक तरल, छींक-खांसी से निकलने वाली ड्रॉपलेट्स के संपर्क में आए किसी भी व्यक्ति को अनिवार्य रूप से 21 दिनों के होम क्वारंटीन में रहना होगा. सीमित या बंद स्थान में संक्रमित व्यक्ति के साथ मौजूद लोगों पर भी यही नियम लागू होगा.
होम क्वारंटीन में रह रहे सभी लोगों की रोजाना डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा निगरानी की जाएगी. यदि किसी में लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत क्वारंटीन से हटाकर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया जाएगा.
निपाह मरीजों की देखभाल में लगे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष सुरक्षा उपाय अपनाने के निर्देश दिए गए हैं.
इसके अलावा, संक्रमित या संदिग्ध मरीजों के कपड़ों या व्यक्तिगत संपर्क में आए लोगों को भी संपर्क की तारीख से 21 दिन तक क्वारंटीन में रहना होगा. इन सभी व्यक्तियों से स्वास्थ्य विभाग प्रतिदिन फोन पर अपडेट लेगा.
निपाह वायरस की जांच के लिए पश्चिम बंगाल में अत्याधुनिक व्यवस्था न होने के कारण केंद्र सरकार के सहयोग से आईसीएमआर के पुणे स्थित एनआईवी (NIV) से विशेषज्ञों की टीम और एक विशेष मोबाइल जांच बस बुधवार को कोलकाता पहुंची है.
यह बस बेलघरिया आईडी अस्पताल की निगरानी में रहेगी और राज्य के किसी भी जिले में निपाह के संदिग्ध मामले सामने आने पर तुरंत वहां भेजी जाएगी.
इस बीच, निपाह संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की संख्या 48 से बढ़कर 82 हो गई है. पूर्व बर्धमान जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयराम हेमब्रम ने बताया कि इनमें से दो लोगों में लक्षण दिखाई दिए हैं. स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है.