ADR के जे.एस. छोकर का निधन
नई दिल्ली । डेस्क: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के संस्थापक-ट्रस्टी जे.एस. छोकर का शुक्रवार तड़के दिल्ली में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. 81 वर्षीय छोकर, जो कंधे की हड्डी टूटने और फेफड़े के संक्रमण से जूझ रहे थे, को सुबह करीब 3:30 बजे दिल का दौरा पड़ा.
रेलवे में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में अपने करियर की शुरुआत करने वाले छोकर बाद में अकादमिक क्षेत्र में आए और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट (IIM), अहमदाबाद में डीन और फिर निदेशक बने. लेकिन उनकी असली प्रेरणा तब मिली जब उन्होंने भारत में चुनावी सुधारों की वकालत को अपना जीवन लक्ष्य बनाया.
छोकर को उनके IIM-A के सहयोगी त्रिलोचन सास्त्री से प्रेरणा मिली, जिन्होंने 1999 के लोकसभा चुनाव में अहमदाबाद से उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच कर पारदर्शिता से संबंधित महत्वपूर्ण सवाल उठाए थे. इसके बाद ADR का जन्म हुआ, जो एक ऐसा संगठन है जो चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए अथक प्रयास कर रहा है.
छोकर और सास्त्री ने चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों से अधिक जानकारी उपलब्ध कराने की मांग में सबसे मजबूत आवाज़ उठाई. पहले उम्मीदवारों को केवल बुनियादी जानकारी देनी होती थी. दिल्ली हाईकोर्ट ने छोकर और सास्त्री द्वारा दायर याचिका पर नवंबर 2000 में आदेश दिया कि चुनावी उम्मीदवारों को शपथपत्र के माध्यम से अपनी शैक्षणिक योग्यता, आय, संपत्ति और आपराधिक मामलों सहित अन्य जानकारी देनी होगी.
ADR की एक बड़ी सफलता तब मिली जब सुप्रीम कोर्ट ने 2024 के लोकसभा चुनावों से कुछ महीने पहले नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को रद्द कर दिया.
ADR ने एक बयान में कहा कि छोकर की विरासत “भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए प्रतिबद्ध कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों और नागरिकों की पीढ़ियों को प्रेरित करेगी.”
राजद के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने कहा कि छोकर का निधन भारत के लोकतंत्र की अखंडता के लिए लगातार बोलने वाली एक अंतरात्मा की आवाज़ का खामोश होना है. उन्होंने अपने X हैंडल पर लिखा, “वह मानते थे कि लोकतंत्र चुनावों के शोर से नहीं, बल्कि उनकी निष्पक्षता, पारदर्शिता और जवाबदेही से कायम रहता है. उन्होंने बार-बार हमें याद दिलाया कि स्वच्छ राजनीति दूषित प्रक्रियाओं से नहीं उभर सकती.”
कार्यकर्ता योगेंद्र यादव ने कहा, “लोकतंत्र और सार्वजनिक मुद्दों के सच्चे निःस्वार्थ चैंपियन. अत्यंत विनम्र और आत्म-प्रकटीकरण से दूर, वह और ADR पिछले दो दशकों में उम्मीदवारों की संपत्ति और आपराधिक पृष्ठभूमि के खुलासे सहित प्रमुख चुनावी सुधारों के पीछे थे.”