झारखंड में तीन दिन में दूसरा हमला, माओवादियों ने मोबाइल टावर फूंका
रांची/चाईबासा । डेस्क: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में सोमवार देर रात माओवादियों ने एक निजी कंपनी के मोबाइल टावर में आग लगा दी. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि यह तीन दिनों के भीतर जिले में हुई दूसरी ऐसी घटना है.
पुलिस के अनुसार, आधी रात के आसपास हथियारबंद माओवादियों का एक समूह छोटानागरा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के तहत आने वाले बहादा गांव में घुस आया और निवासियों को अंदर रहने की चेतावनी दी.
इसके बाद उन्होंने टावर की बैटरी यूनिट और कंट्रोल पैनल पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी. आग लगने से कई विस्फोट हुए, जिससे उपकरण पूरी तरह नष्ट हो गए और इलाके के एक बड़े हिस्से में मोबाइल संचार बाधित हो गया.
बताया गया है कि उपद्रवी मोबाइल टावर को जलाने के बाद लगभग एक घंटे तक गांव में रुके रहे. उन्होंने वहां पोस्टर और पर्चे छोड़े, जिनमें उन्होंने सुरक्षा बलों के साथ हालिया मुठभेड़ों में मारे गए अपने साथियों की मौत का बदला लेने की धमकी दी है.
यह घटना स्थल छोटानागरा पुलिस स्टेशन और एक नजदीकी सुरक्षा शिविर से महज़ कुछ किलोमीटर की दूरी पर है.
यह नवीनतम घटना सारंडा वन क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों में वृद्धि के बीच हुई है. इससे पहले, 10 अक्टूबर को माओवादियों द्वारा किए गए आईईडी विस्फोटों की एक श्रृंखला में सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल महेंद्र लाश्कर मारे गए थे, और दो अधिकारी घायल हुए थे.
यह घटना ग्रामीणों में दहशत पैदा कर रही है, जो 11-12 अक्टूबर की रात को जराईकेला पुलिस स्टेशन क्षेत्र में एक अन्य मोबाइल टावर पर हुए ऐसे ही हमले के बाद पहले से ही तनाव में हैं.
अधिकारियों ने बताया कि ये हमले माओवादियों के चल रहे “बदला सप्ताह” (8-14 अक्टूबर) का हिस्सा प्रतीत होते हैं, जिसकी घोषणा हाल के सुरक्षा अभियानों में मारे गए उनके कई कैडरों के विरोध में की गई है.
इस समूह ने 15 अक्टूबर को झारखंड, बिहार, उत्तरी छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और असम सहित पांच राज्यों में बंद (शटडाउन) का आह्वान भी किया है, और अपनी मांगों को नज़रअंदाज़ करने पर “बड़ी कार्रवाई” की चेतावनी दी है.