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भारत छोटे परमाणु रिएक्टरों की दौड़ में शामिल

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28 सित. 2025, 03:48 PM 2 मिनट में पढ़ें 7

 छोटा परमाणु रिएक्टर
छोटा परमाणु रिएक्टर

नई दिल्ली । डेस्क: भारत छोटे आकार के परमाणु रिएक्टरों के विकास में तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जिम्मेदारी को मुंबई स्थित भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर को सौंपा है. रूस इस परियोजना में सहयोग के लिए उत्सुक है, जो उत्पादन क्षेत्र में क्रांति ला सकता है.


कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग के कारण बिजली की मांग बढ़ रही है.छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर कारखानों, दूरदराज के द्वीपों या डेटा सेंटर्स के लिए निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कर सकते हैं. 

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इनकी क्षमता आमतौर पर 300 मेगावाट से कम होती है. चीन ने कई छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर बनाकर उत्पादन में अग्रणी स्थान हासिल किया है, जबकि रूस भी सहयोग के लिए तैयार है.


रूस की सरकारी कंपनी रोसाटॉम के दक्षिण एशिया क्षेत्रीय परियोजना निदेशक अलेक्जेंडर वोल्गिन ने कहा, "हम भारत को छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर तकनीक प्रदान करने को तैयार हैं. ये पारंपरिक परमाणु संयंत्रों की तुलना में कम जगह (40-42 एकड़) में बनाए जा सकते हैं और ट्रेन से ले जाए जा सकते हैं." 


रूसी छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर 55 मेगावाट बिजली और 200 मेगावाट तक ऊष्मा पैदा कर सकते हैं. इनमें 20% तक संवर्धित यूरेनियम का उपयोग होता है, लेकिन विकिरण का जोखिम नहीं है.


रूस ने याकूतिया के लिए स्थलीय छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर बनाया है और उज्बेकिस्तान के साथ छह छोटे संयंत्रों का समझौता किया है. अमेरिका, फ्रांस और चीन भी इस क्षेत्र में सक्रिय हैं. रूस 1950 से छोटे परमाणु संयंत्रों का उपयोग कर रहा है और आरआईटीएम-200 नामक रिएक्टर से एसएमआर की परिभाषा बदल दी.


भारत की 'नेट-जीरो मिशन' 2070 तक पूरी करने के लिए परमाणु ऊर्जा को 100 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है. सरकार आत्मनिर्भरता पर जोर दे रही है, लेकिन रोसाटॉम भागीदारी के लिए तैयार है. 


मोदी सरकार ने परमाणु ऊर्जा में निजी क्षेत्र को शामिल किया है, जिससे रोसाटॉम को निवेश के अवसर मिले हैं. रूस ने आइसब्रेकर जहाजों के लिए 400 से अधिक छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर बनाए हैं, जो दुर्घटना-मुक्त हैं.


छोटे आकार के परमाणु रिएक्टर 5-6 साल तक बिना ईंधन भरे चल सकते हैं, पर्यावरण अनुकूल हैं और कम पूंजी में बनाए जा सकते हैं. इस साल दिसंबर में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा हो सकती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP