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कर्मचारी भविष्य निधि: रिटायरमेंट में मिल सकते हैं 3 करोड़

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30 अग. 2025, 11:29 PM 3 मिनट में पढ़ें 1

EPFO
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नई दिल्ली । डेस्क: कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) में नियमित निवेश रिटायरमेंट के लिए एक बड़ा कोष बना सकता है. यदि आप हर महीने केवल 5,000 रुपये जमा करते हैं, तो वेतन वृद्धि और 8.25% वार्षिक ब्याज के साथ, रिटायरमेंट के समय आपका EPF बचत लगभग 3.5 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है.


कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) क्या है?


EPF एक रिटायरमेंट बचत योजना है, जिसे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) द्वारा संचालित किया जाता है. इस योजना में कर्मचारी और नियोक्ता दोनों योगदान करते हैं. कर्मचारी अपने मूल वेतन का 12% और नियोक्ता 3.67% जमा करते हैं. यह अनिवार्य योगदान बचत की आदत को बढ़ावा देता है. साथ ही, EPF में सरकार द्वारा निर्धारित ब्याज दर के अलावा पेंशन और बीमा जैसे अतिरिक्त लाभ भी मिलते हैं.


EPF नियम

नियोक्ता कर्मचारी के मूल वेतन का 12% EPF में जमा करता है.

नियोक्ता भी समान राशि जमा करता है.

इसमें से 8.33% कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जाता है, और शेष 3.67% कर्मचारी के EPF खाते में.

EPS भविष्य में पेंशन लाभ प्रदान करता है.

वर्तमान में EPF पर 8.25% वार्षिक ब्याज मिल रहा है.


मान लीजिए, किसी कर्मचारी का मासिक वेतन 64,000 रुपये है, जिसमें मूल वेतन 31,900 रुपये, मकान किराया भत्ता (HRA) 15,950 रुपये (मूल वेतन का 50%), और अन्य भत्ते 16,150 रुपये हैं.


मूल वेतन का 12% = 3,828 रुपये प्रति माह

मूल वेतन का 3.67% = 1,172 रुपये प्रति माह

कुल मिलाकर, लगभग 5,000 रुपये प्रति माह EPF खाते में जमा होते हैं.


यदि वेतन हर साल 10% की दर से बढ़ता है, तो EPF में जमा राशि भी बढ़ेगी. इसके साथ, 8.25% ब्याज भी जुड़ता रहेगा. यदि कोई 25 वर्ष की आयु में नौकरी शुरू करता है और 58 वर्ष की आयु तक (33 वर्ष) नियमित योगदान देता है, तो रिटायरमेंट के समय उनके पास लगभग 3.5 करोड़ रुपये का कोष होगा. इस दौरान कर्मचारी ने कुल 1.33 करोड़ रुपये का निवेश किया होगा.


पेंशन लाभ

वर्तमान में EPS के तहत न्यूनतम पेंशन 1,000 रुपये प्रति माह है. हालांकि, वास्तविक पेंशन राशि कई कारकों पर निर्भर करती है, जैसे अंतिम वेतन और नौकरी की अवधि.


EPFO ने 13 अगस्त 2025 से यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) को आधार से जोड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाया है. यदि आपका नाम, लिंग, और जन्मतिथि UAN के विवरण से पूरी तरह मेल खाता है, तो किसी अतिरिक्त अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी. नियोक्ता अपने पोर्टल पर उपलब्ध KYC सुविधा के माध्यम से इसे आसानी से लिंक कर सकता है. पहले, मामूली त्रुटियों के लिए कई स्तरों पर अनुमोदन और कागजी कार्रवाई की जरूरत होती थी, लेकिन अब यह समस्या हल हो गई है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP