अपनी ही पीढ़ी है जेन-जी, विरोध करने से कोई नहीं हो जाता देशद्रोही- मोहन भागवत
मुंबई । डेस्क: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने मुंबई में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि प्रदर्शन कर रहे जेन-जी (युवा पीढ़ी) के लोग कोई देशद्रोही नहीं हैं, बल्कि वे हमारे अपने ही बच्चे हैं. उन्होंने कहा कि केवल सरकार की नीतियों का विरोध कर देने से कोई राष्ट्रविरोधी नहीं बन जाता.
हाल ही में दिल्ली के जंतर-मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ हुए छात्र प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए संघ प्रमुख ने पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि युवाओं पर लाठीचार्ज और पेलेट गन का इस्तेमाल क्यों किया गया, इसके पीछे के कारणों का अध्ययन और समीक्षा की जानी चाहिए.
युवा पीढ़ी की तारीफ करते हुए मोहन भागवत ने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा हमारी पीढ़ी से कहीं ज्यादा ईमानदार हैं. उन्होंने कहा, "जब हम उनकी उम्र में थे, तब बुजुर्गों की बात चुपचाप सुन लेते थे और सवाल नहीं पूछते थे, लेकिन आज की युवा पीढ़ी को हर बात का तार्किक जवाब चाहिए. उन्हें देशभक्ति और सेवा भावना से ही जोड़ा जा सकता है."
शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों की वकालत करते हुए उन्होंने शिक्षा बजट को बढ़ाने की मांग का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि शिक्षा कोई व्यापार नहीं है और यह देश के हर नागरिक को मिलनी चाहिए.
इसलिए फीस संरचना को ठीक करने और शिक्षकों के प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है. वहीं, सोशल मीडिया पर उठ रहे विवादों पर उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के बजाय लोगों को स्व-अनुशासन अपनाने और अपना नजरिया बदलने की जरूरत है.