लोकसभा में राहुल गांधी और निशिकांत दुबे के बयानों पर तकरार
नई दिल्ली । डेस्क: संसद के बजट सत्र के दौरान बुधवार (4 फरवरी, 2026) को लोकसभा में उस समय भारी हंगामा और नाटकीय घटनाक्रम देखने को मिला, जब विपक्षी महिला सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सीट के सामने आकर विरोध प्रदर्शन किया. यह हंगामा भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे द्वारा पूर्व प्रधानमंत्रियों के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणियों के बाद शुरू हुआ.
गतिरोध इतना बढ़ गया कि सदन की कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित करना पड़ा.
विवाद की शुरुआत तब हुई जब निशिकांत दुबे ने चर्चा के दौरान कुछ किताबों का हवाला देते हुए पंडित जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी पर तीखे आरोप लगाए. विपक्षी सदस्यों ने इसका कड़ा विरोध करते हुए सदन के वेल में आकर नारेबाजी की.
कांग्रेस का आरोप है कि जहां एक तरफ नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूर्व सेना प्रमुख की किताब 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' के उद्धरण पढ़ने से रोका गया, वहीं सत्तापक्ष के सांसद को घंटों बोलने और किताबें दिखाने की अनुमति दी गई.
राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बात करते हुए प्रधानमंत्री को चुनौती दी और कहा कि वह सेना प्रमुख के 'अप्रकाशित संस्मरण' की प्रति व्यक्तिगत रूप से पीएम को सौंपना चाहते हैं.
वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इसे लोकतंत्र का अपमान करार दिया. शाम को मल्लिकार्जुन खड़गे के आवास पर हुई विपक्षी दलों की बैठक में यह तय किया गया कि जब तक नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पूरा मौका नहीं मिलता, तब तक विरोध जारी रहेगा.
फिलहाल, स्पीकर कार्यालय ने निशिकांत दुबे की कई आपत्तिजनक टिप्पणियों को सदन की कार्यवाही के रिकॉर्ड से हटा दिया है.