वक्फ बोर्ड ने किरायेदारों को भेजा नोटिस, दशकों पुराने 80 पैसे किराए पर विवाद
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ वक्फ बोर्ड ने अपनी संपत्तियों के संशोधित किराए को लेकर 480 से अधिक किरायेदारों और दुकान मालिकों को नोटिस जारी किया है. बोर्ड, अपनी दशकों पुरानी और अत्यधिक कम किराए की व्यवस्था को खत्म कर रहा है, जिसके तहत कुछ संपत्तियों का मासिक किराया केवल 80 पैसे तक है.
राज्य में वक्फ बोर्ड की ₹7000 करोड़ से अधिक की संपत्ति है, लेकिन पुरानी किराएदारी प्रणाली के कारण उसे मामूली राजस्व मिल रहा था. रायपुर और अन्य जिलों में कई किरायेदार अभी भी दुकानों और परिसरों के लिए मात्र ₹25 से ₹100 तक का किराया दे रहे हैं.
नए नियमों के अनुसार किराए में संशोधन बाज़ार मूल्य और जिला कलेक्टरों द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के आधार पर किया गया है, जिसका उद्देश्य बोर्ड के लिए बेहतर और उचित आय सुनिश्चित करना है.
वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सलीम राज ने कहा, "हमने संपत्तियों के पट्टा नियमों के तहत कीमतों को तर्कसंगत बनाया है, और अब बेहतर व उचित राजस्व प्राप्त करने के लिए बाज़ार मूल्यों पर विचार कर रहे हैं. वक्फ संपत्तियों का दुरुपयोग और अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा."
नए किराए को लेकर बोर्ड ने किरायेदारों के साथ नया समझौता करने की बात कही है. हालांकि, नोटिस का पालन करने के बजाय, लगभग 200 लोगों ने नए किराया समझौते के खिलाफ छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय (High Court) का रुख किया है. बोर्ड ने न्यायालय में अपना जवाब दाखिल कर दिया है और इस मामले की सुनवाई 13 अक्टूबर को सूचीबद्ध है.
राज ने जोर देकर कहा कि अदालत के फैसले के बाद बोर्ड कड़ी कार्रवाई करेगा और वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि अवैध बिक्री और दुरुपयोग के आरोपों ने सामुदायिक कल्याण के लिए उपयोग होने वाले संभावित राजस्व को काफी कम कर दिया है.