छत्तीसगढ़ में Naxal के खिलाफ केंद्र का बड़ा कदम, J&K से CAPF की वापसी
नई दिल्ली । डेस्क: केंद्र सरकार ने नक्सलवाद के खिलाफ अपनी लड़ाई को और तेज करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ यात्रा के बाद बचे हुए लगभग 80 प्रतिशत केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कंपनियों को वापस बुलाने का आदेश दिया है.
अधिकारियों के अनुसार, इन बलों को छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे नक्सल प्रभावित राज्यों में फिर से तैनात किया जाएगा, जहां माओवादी गतिविधियां अभी भी सक्रिय हैं.
केंद्र सरकार का लक्ष्य 31 मार्च, 2026 तक देश से नक्सलवाद को पूरी तरह समाप्त करना है, जैसा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कई बार दोहराया है. सूत्रों ने बताया कि छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा में माओवादी नेताओं की मौजूदगी की हालिया खुफिया जानकारी के आधार पर इन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा. इसके लिए नए रणनीतिक दृष्टिकोण के साथ क्षेत्र प्रभुत्व की योजनाएं बनाई जा रही हैं.
वरिष्ठ अधिकारियों ने पुष्टि की कि प्रतिबंधित सीपीआई (माओवादी) के केंद्रीय समिति नेतृत्व को निशाना बनाकर संगठन की कमान संरचना को कमजोर करने के लिए बड़े पैमाने पर निर्णायक अभियान चलाए जाएंगे. इन अभियानों का केंद्र बिंदु छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र होंगे.
जम्मू-कश्मीर में, भारतीय सेना, स्थानीय पुलिस और CAPF के साथ आतंकवाद विरोधी अभियान जारी रहेंगे, लेकिन वर्तमान में वहां अतिरिक्त सैन्य सुदृढ़ीकरण की कोई योजना नहीं है. अधिकारियों ने बताया कि तत्काल प्राथमिकता नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की ओर स्थानांतरित हो गई है.
गृह मंत्रालय के एक हालिया संदेश के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में सीमित बलों की मौजूदगी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि बाकी बलों को उनकी मूल तैनाती के लिए वापस बुलाया जा रहा है. यह कदम नक्सलवाद के खिलाफ केंद्र की रणनीति को और मजबूत करने का हिस्सा है.