CAA नागरिकता: 8 राज्यों में अब कलेक्टर करेंगे आवेदनों का फैसला
नई दिल्ली । डेस्क: नागरिकता संशोधन कानून (CAA), 2019 के तहत लंबित नागरिकता आवेदनों की प्रक्रिया में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है. 19 अगस्त को जारी नए आदेश के अनुसार, 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लंबित CAA आवेदनों की जांच और निस्तारण का अधिकार अब अधिकार प्राप्त समितियों (एम्पवर्ड कमिटी) से हटाकर संबंधित जिला कलेक्टरों को सौंप दिया गया है.
नागरिकता (तीसरा संशोधन) नियम, 2026 के लागू होने के साथ ही गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, असम (जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर), त्रिपुरा (जनजातीय क्षेत्रों को छोड़कर), जम्मू और कश्मीर तथा लद्दाख के जिला कलेक्टर अब धारा 6B के तहत आवेदनों को प्राप्त करने, उनकी गहनता से जांच करने और उन्हें स्वीकृत या अस्वीकृत करने के लिए अधिकृत होंगे.
इसके तहत कलेक्टर आवेदक के दस्तावेजों का सत्यापन करेंगे, आवश्यकतानुसार जांच कराएंगे, निष्ठा की शपथ दिलवाएंगे और पात्रता पूरी होने पर भारतीय नागरिकता प्रदान कर सकेंगे.
इस नए आदेश के साथ ही 11 मार्च 2024 की अधिसूचना और फरवरी व मार्च 2026 में जारी दो अन्य MHA आदेशों को इन क्षेत्रों में निष्प्रभावी कर दिया गया है.
पहले केंद्रीय अधिकारियों और विभिन्न एजेंसियों की बहु-स्तरीय समितियों द्वारा यह प्रक्रिया संचालित की जा रही थी, जो अब इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समाप्त कर दी गई है. यह कदम लंबित नागरिकता प्रक्रियाओं को तेज करने और स्थानीय स्तर पर आवेदनों के शीघ्र निपटारे के उद्देश्य से उठाया गया है.