भिलाई में सूर्यकांत तिवारी से जुड़ी बेनामी संपत्ति सील
भिलाई । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के चर्चित 540 करोड़ रुपये के कथित कोयला लेवी घोटाले में केंद्रीय एजेंसियों का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है. इसी कड़ी में आयकर विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए दुर्ग जिले के भिलाई स्थित एक आलीशान मकान को सील कर उसका कब्जा अपने नियंत्रण में ले लिया है. जुनवानी क्षेत्र के कोहका स्थित 'सूर्या रेजिडेंसी' के मकान नंबर ए-1 पर यह कार्रवाई की गई, जो कोयला घोटाले के मुख्य आरोपियों में शामिल कारोबारी सूर्यकांत तिवारी से संबंधित बताई जा रही है.
आयकर विभाग रायपुर के अधिकारी रूद्र चंद्राकर के नेतृत्व में पहुंची टीम ने तहसीलदार टिकेश्वर साहू, सुपेला व स्मृति नगर पुलिस और राजस्व अधिकारियों की मौजूदगी में विधिपूर्वक मकान को सील कर दिया.
आयकर विभाग की ओर से जारी आधिकारिक दस्तावेजों के अनुसार, यह कार्रवाई बेनामी संपत्ति लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 की धारा 29(2)(बी) के प्रावधानों के तहत की गई है. जब्त की गई संपत्ति का कुल क्षेत्रफल लगभग 200 वर्गमीटर (0.02 हेक्टेयर) है, जिसका खसरा नंबर 2028/38 दर्ज है.
यह पूरी प्रक्रिया मनीष उपाध्याय से जुड़े मामले में जब्त बेनामी संपत्ति का भौतिक अधिग्रहण करने के लिए अमल में लाई गई है. कार्रवाई शुरू होने से पहले ही विभाग द्वारा संबंधित पक्षों को कानूनी नोटिस जारी कर दिया गया था, जिसके चलते प्रशासनिक टीम के पहुंचने से पहले ही मकान में रखा सामान खाली करा लिया गया था.
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय के जांच रिकॉर्ड के अनुसार, राज्य में जुलाई 2020 से जून 2022 के दौरान कोयला परिवहन पर 25 रुपये प्रति टन के हिसाब से अवैध वसूली का एक बड़ा नेटवर्क चलाया जा रहा था.
ईडी के अनुमान के मुताबिक, इस कथित सिंडिकेट के जरिए करीब 540 करोड़ रुपये की अवैध कमाई की गई थी. हालांकि, ये जांच एजेंसियों के प्राथमिक आरोप और आकलन हैं, जिन पर अंतिम न्यायिक निर्णय आना अभी बाकी है. इस हाई-प्रोफाइल मामले में सूर्यकांत तिवारी को 29 अक्टूबर 2022 को गिरफ्तार किया गया था, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट से 29 मई 2025 को अंतरिम जमानत मिल चुकी है.