वैश्विक मंच पर बीजिंग का शक्ति प्रदर्शन
बीजिंग । डेस्क: बीजिंग में बुधवार को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने देश की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य परेड की अध्यक्षता की. जिसमें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन भी शामिल थे. यह परेड द्वितीय विश्व युद्ध में जापान की हार की 80वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी.
पश्चिमी देशों के नेताओं ने इस आयोजन का बहिष्कार किया, जबकि दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देशों ने निम्न-स्तरीय अधिकारियों को भेजा.
शी की अतिथि सूची में ग्लोबल साउथ और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के नेता शामिल थे, जो चीन के बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है.
तियानमेन स्क्वायर पर 50,000 से अधिक दर्शकों को संबोधित करते हुए, शी ने कहा कि मानवता "शांति या युद्ध, संवाद या टकराव, जीत-जीत या जीरो-सम" के बीच चयन के दौराहे पर है. उन्होंने जोर देकर कहा कि चीनी लोग "इतिहास के सही पक्ष" पर हैं और चीनी राष्ट्र का पुनर्जनन "अटल" है.
70 मिनट की इस परेड में हाइपरसोनिक मिसाइलें, अंडरवाटर ड्रोन और एक हथियारबंद 'रोबोट वुल्फ' सहित उन्नत हथियार प्रदर्शित किए गए. परेड का समापन हेलीकॉप्टरों और लड़ाकू विमानों की उड़ान और 80,000 'शांति' पक्षियों के रिलीज के साथ हुआ.
पुतिन और किम की मौजूदगी ने बीजिंग, मॉस्को और प्योंगयांग के बीच गहरे रक्षा संबंधों की अटकलों को हवा दी.
जून 2024 में रूस और उत्तर कोरिया के बीच हुए समझौते के बाद अब चीन और उत्तर कोरिया के बीच भी इसी तरह के गठबंधन की संभावना पर नजर है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ट्रुथ सोशल पर प्रतिक्रिया देते हुए शी पर पुतिन और किम के साथ "अमेरिका के खिलाफ साजिश" का आरोप लगाया. उन्होंने द्वितीय विश्व युद्ध में अमेरिकी सैनिकों के बलिदान को याद करने की मांग की.
शी ने विश्व युद्ध को चीनी राष्ट्र के "महान पुनर्जनन" का टर्निंग पॉइंट बताया, जो जापान के आक्रमण की अपमान से उबरकर वैश्विक महाशक्ति बनने का प्रतीक है.
विश्लेषकों का मानना है कि यह परेड घरेलू स्तर पर देशभक्ति को बढ़ाने और आंतरिक मुद्दों, जैसे पीपुल्स लिबरेशन आर्मी में भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई, से ध्यान हटाने के लिए थी.
ताइवान ने अपने नागरिकों से परेड में शामिल न होने की अपील की, इसे बीजिंग के क्षेत्रीय दावों को बढ़ावा देने वाला बताया.