सहारा की संपत्तियों पर अडानी ग्रुप की नजर: 'लैंड बैंक' बनाने की तैयारी
नई दिल्ली । डेस्क: अरबपति गौतम अडानी का प्रॉपर्टी वेंचर सहारा ग्रुप की 87 प्रमुख संपत्तियों को खरीदने की तैयारी में है. यह कदम अडानी समूह के लिए एक रणनीतिक पहल माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य अपने अपेक्षाकृत छोटे रियल एस्टेट कारोबार को बड़ा करना और विशाल 'लैंड बैंक' का निर्माण करना है.
सहारा ग्रुप अपनी वित्तीय देनदारियों को पूरा करने के लिए ये संपत्तियां बेच रहा है. इन देनदारियों में निवेशकों को अरबों डॉलर का भुगतान शामिल है, जो एक अवैध करार योजना से जुड़े थे. इस पूरी प्रक्रिया पर देश की सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी है.
अडानी की संपत्ति वाली कंपनी अडानी प्रॉपर्टीज ने सहारा ग्रुप के लक्जरी होटलों, व्यस्त मॉल, शॉपिंग सेंटर और आवासीय तथा ऑफिस इमारतों सहित 87 संपत्तियों के अधिग्रहण के लिए कोर्ट से मंजूरी मांगी है.
अडानी ग्रुप के वकील मुकुल रोहतगी ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में जजों को बताया कि अडाणी इन सभी संपत्तियों को खरीदना चाहता है. हालांकि, उन्होंने अडाणी द्वारा दी जाने वाली राशि का खुलासा नहीं किया.
सुप्रीम कोर्ट ने इस प्रस्ताव पर सरकारी एजेंसियों से राय मांगी है और मामले की अगली सुनवाई नवंबर में होगी.
एक समय भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के प्रायोजक और न्यूयॉर्क के प्लाजा होटल तथा लंदन के ग्रोवनेर हाउस के मालिक रहे सहारा ग्रुप को निवेशकों को लगभग $2.82 अरब (2.82 बिलियन डॉलर) का भुगतान करना बाकी है.
सहारा की प्रमुख संपत्तियों में से एक मुंबई के पास स्थित 9,000 एकड़ की लग्जरी टाउनशिप 'एम्बी वैली' है, जिसमें हवाई पट्टी, गोल्फ कोर्स, कृत्रिम झीलें और लक्जरी विला शामिल हैं.
अडानी प्रॉपर्टीज, अडानी समूह की एक गैर-सूचीबद्ध शाखा है, जो वर्तमान में मुंबई की सबसे घनी झुग्गी बस्ती धारावी के पुनर्विकास का काम भी कर रही है. सूत्रों के अनुसार, सहारा की संपत्तियों का यह पोर्टफोलियो अडानी को बड़ी संख्या में जमीन के टुकड़े उपलब्ध कराएगा, जिससे उनका 'लैंड बैंक' काफी मजबूत हो जाएगा.