सोनम वांगचुक के NGO का FCRA लाइसेंस रद्द, वित्तीय गड़बड़ी का आरोप
नई दिल्ली । डेस्क: गृह मंत्रालय ने शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक के नेतृत्व वाले स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लाद्दाख (एसईसीएमओएल) का विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम (एफसीआरए) लाइसेंस रद्द कर दिया है. यह कार्रवाई केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की जांच के बाद की गई, जिसमें कई उल्लंघनों का खुलासा हुआ. मंत्रालय के अनुसार, स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लाद्दाख ने एफसीआरए की धारा 8, 12, 17, 18 और 19 का उल्लंघन किया.
आधिकारिक निष्कर्षों के मुताबिक, 2021-22 में वांगचुक ने स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख के विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम खाते में 3.35 लाख रुपये जमा किए, जो धारा 17 का उल्लंघन है. संगठन ने दावा किया कि यह राशि विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम फंड से खरीदे गए पुराने बस की बिक्री से प्राप्त हुई थी, लेकिन सरकार ने इसे "अस्वीकार्य" ठहराया, क्योंकि वार्षिक रिटर्न और बैंक क्रेडिट में विसंगतियां पाई गईं. मंत्रालय ने कहा कि यह राशि नकद में प्राप्त हुई, जो नियमों के खिलाफ है.
धारा 17 के तहत, विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम पंजीकृत संगठनों को विदेशी अंशदान केवल नई दिल्ली में भारतीय स्टेट बैंक की निर्दिष्ट शाखा में खोले गए "विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम खाते" में प्राप्त करना अनिवार्य है. इसके अलावा, 2020-21 में 54,600 रुपये की स्थानीय अंशदान राशि गलती से विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम खाते में जमा की गई, जिसे संगठन ने "अनजाने में हुई गलती" बताया.
स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लाद्दाख को स्वीडिश संगठन फ्रामटिडस्जॉर्डन से युवा जागरूकता कार्यक्रमों के लिए 4.93 लाख रुपये प्राप्त हुए, जिसमें प्रवास, जलवायु परिवर्तन, खाद्य सुरक्षा और जैविक खेती जैसे विषय शामिल थे. संगठन ने दावा किया कि यह राशि शैक्षिक उद्देश्यों के लिए थी, लेकिन मंत्रालय ने पाया कि इसका एक हिस्सा "देश की संप्रभुता पर अध्ययन" से संबंधित था, जो धारा 12(4) के तहत विदेशी फंड से समर्थित नहीं हो सकता.
मंत्रालय ने खराब लेखा प्रथाओं और धारा 18, 19 के उल्लंघनों का हवाला देते हुए तत्काल प्रभाव से लाइसेंस रद्द कर दिया. वांगचुक द्वारा स्थापित हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव्स लाद्दाख (एचआईएएल) भी विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम उल्लंघनों के लिए सीबीआई जांच के दायरे में है.
इस बीच, लाद्दाख में राज्य और छठी अनुसूची की मांग को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच 24 सितंबर को हिंसक झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई. वांगचुक ने आरोप लगाया कि सरकार उन्हें जेल में डालने की साजिश रच रही है. उन्होंने कहा, "मुझे जेल में डालने से सरकार को और समस्याएं हो सकती हैं."