दुनिया का सबसे खतरनाक ड्रग माफिया 'एल मेंचो' मारा गया
मैक्सिको सिटी । डेस्क: मैक्सिको की सेना ने रविवार, 22 फरवरी 2026 को एक ऐतिहासिक सैन्य अभियान में दुनिया के सबसे वांछित ड्रग तस्कर और 'जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल' (CJNG) के प्रमुख नेमेसियो ओसेगुएरा, जिसे 'एल मेंचो' के नाम से जाना जाता है, को ढेर कर दिया है. 59 वर्षीय ओसेगुएरा पर अमेरिका ने 15 मिलियन डॉलर का इनाम घोषित कर रखा था.
सेना द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, टापाल्पा शहर में सैनिकों के साथ हुई भीषण मुठभेड़ के दौरान ओसेगुएरा गंभीर रूप से घायल हो गया था और मैक्सिको सिटी ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई.
इस सैन्य कार्रवाई में ओसेगुएरा के अलावा छह अन्य बंदूकधारी मारे गए, जबकि सेना के तीन जवान घायल हुए हैं. ऑपरेशन के दौरान भारी मात्रा में अत्याधुनिक हथियार और रॉकेट लॉन्चर बरामद किए गए हैं.
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों के सहयोग से चलाए गए इस मिशन के बाद जलिस्को और मिचोआकन राज्यों में भारी हिंसा भड़क उठी, जहाँ कार्टेल के सदस्यों ने सुरक्षा बलों को रोकने के लिए दर्जनों वाहनों को आग के हवाले कर दिया और रास्तों को जाम कर दिया.
अमेरिकी उप विदेश सचिव क्रिस्टोफर लैंडौ ने इस सफलता का स्वागत करते हुए ओसेगुएरा को "सबसे क्रूर ड्रग किंगपिन" करार दिया.
गौरतलब है कि 'एल चापो' और इस्माइल जांबाडा की गिरफ्तारी के बाद इसे ड्रग वॉर में अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है.
यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मैक्सिको पर नशीली दवाओं, विशेष रूप से फेंटेनल की तस्करी रोकने के दबाव और टैरिफ लगाने की चेतावनी के बीच हुई है. ओसेगुएरा का संगठन साल 2009 से सक्रिय था और इसे दुनिया के सबसे हिंसक आतंकी संगठनों की श्रेणी में रखा गया था.
गौरतलब है कि नेमेसियो ओसेगुएरा सर्वेंटेस, जिसे दुनिया 'एल मेंचो' के नाम से जानती है, का जन्म 17 जुलाई 1966 को मैक्सिको के मिचोआकन के एक गरीब परिवार में हुआ था. वह जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का संस्थापक और निर्विवाद नेता था, जिसे वर्तमान समय में दुनिया के सबसे अमीर और खतरनाक आपराधिक संगठनों में से एक माना जाता है.
अपने शुरुआती जीवन में उसने अमेरिका में अवैध रूप से प्रवेश किया था और कैलिफोर्निया में हेरोइन बेचने के जुर्म में जेल की सजा भी काटी थी, जिसके बाद उसे वापस मैक्सिको भेज दिया गया. मैक्सिको लौटने के बाद उसने कुछ समय तक पुलिस अधिकारी के रूप में काम किया, लेकिन जल्द ही वह अपराध की दुनिया में शामिल हो गया.
एल मेंचो अपनी अत्यधिक क्रूरता के लिए कुख्यात था. उसके नेतृत्व में कार्टेल ने न केवल नशीली दवाओं की तस्करी की, बल्कि प्रतिद्वंद्वी गिरोहों और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ सार्वजनिक रूप से वीभत्स हिंसा का सहारा लिया.
उसने मैक्सिको की सेना के एक हेलीकॉप्टर को रॉकेट-प्रोपेल्ड ग्रेनेड से मार गिराने जैसी दुस्साहसी वारदातों को अंजाम दिया था, जिसके बाद वह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की रडार पर प्रमुखता से आ गया.
वह एक बेहद रहस्यमयी व्यक्ति था जो सार्वजनिक रूप से कम ही दिखाई देता था और पहाड़ों में छिपकर अपना साम्राज्य चलाता था. उसके कार्टेल का विस्तार एशिया, यूरोप और ओशिनिया तक फैल चुका था, जिससे वह वैश्विक स्तर पर एक बड़ी चुनौती बन गया था.
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, उसका संगठन अमेरिका में भारी मात्रा में फेंटेनल और मेथामफेटामाइन भेजने के लिए मुख्य रूप से जिम्मेदार था, जिसके कारण उस पर 15 मिलियन डॉलर का भारी-भरकम इनाम रखा गया था.