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WMO ने जारी की भीषण गर्मी और सूखे की चेतावनी

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03 जुल. 2026, 06:38 PM 3 मिनट में पढ़ें 3

सूखा
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नई दिल्ली । डेस्क: विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि प्रशांत महासागर में तीव्र 'एल नीनो' (El Nino) की स्थिति बेहद तेजी से उभर रही है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मजबूत होते एल नीनो के कारण आने वाले महीनों में वैश्विक तापमान में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है, जिससे दुनिया के कई हिस्सों में चरम मौसम का खतरा काफी बढ़ गया है.


मौसम विभाग के अनुसार, एल नीनो के कारण मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का तापमान असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिसका सीधा असर वैश्विक मौसम चक्र पर पड़ता है. 

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इस बार पूर्वानुमान मॉडलों में गजब की एकरूपता देखी जा रही है, जो संकेत देती है कि इस साल आने वाला एल नीनो बेहद शक्तिशाली होगा. 


इसके प्रभाव से मध्य अमेरिका, कैरिबियन और दक्षिण अमेरिका सहित दक्षिण एशिया के कई हिस्सों (विशेषकर भारत, इंडोनेशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया) में मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश होने और सूखे जैसे हालात बनने की आशंका है.


हाल ही में यूरोप ने अब तक की सबसे भीषण गर्मी और हीटवेव का सामना किया है, जिसने वहां के पावर ग्रिड, बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह चरमरा दिया. 


वैज्ञानिकों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन और एल नीनो का यह दोहरा प्रभाव वैश्विक तापमान को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएगा, जिसका असर इस साल के अंत से लेकर साल 2027 तक महसूस किया जा सकता है.


WMO क्या है?


WMO का पूरा नाम 'विश्व मौसम विज्ञान संगठन' (World Meteorological Organization) है. यह संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की एक विशेष एजेंसी है, जो पृथ्वी के वायुमंडल की स्थिति, उसके व्यवहार, महासागरों के साथ उसके संबंध, इसके द्वारा उत्पन्न होने वाले मौसम और इसके परिणामस्वरूप जल संसाधनों के वितरण पर नजर रखती है. इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्जरलैंड में है.


इस संगठन की स्थापना 23 मार्च 1950 को हुई थी, और यही वजह है कि हर साल 23 मार्च को 'विश्व मौसम विज्ञान दिवस' मनाया जाता है. वर्तमान में दुनिया के 190 से अधिक देश इसके सदस्य हैं. 


WMO खुद मौसम की भविष्यवाणी नहीं करता, बल्कि यह दुनिया भर के देशों के मौसम विभागों के बीच एक पुल का काम करता है. यह सभी सदस्य देशों को एक ऐसा मंच देता है जहां वे मौसम, जलवायु और पानी से जुड़े आंकड़े एक-दूसरे के साथ साझा कर सकें.


इसका मुख्य काम मौसम के पूर्वानुमान को सटीक बनाना, चक्रवात, बाढ़, और सूखे जैसी प्राकृतिक आपदाओं की पहले से चेतावनी देना और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के खतरों पर नजर रखना है. 


विमान सेवा, समुद्री यात्रा और खेती-किसानी को सुरक्षित व बेहतर बनाने के लिए मौसम की जो सटीक जानकारियां हमें मिलती हैं, उन्हें वैश्विक स्तर पर कॉर्डिनेट करने में WMO की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP