बिहार में NDA का मुख्यमंत्री चेहरा कौन- भूपेश बघेल
रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिहार विधानसभा चुनाव के बीच एनडीए पर तीखा प्रहार किया है. उन्होंने महागठबंधन की ओर से तेजस्वी यादव को सीएम पद का उम्मीदवार घोषित करने को एक बुद्धिमत्तापूर्ण कदम करार दिया, जो समयानुकूल और निर्णायक साबित हो रहा है. बघेल ने कहा कि अब महागठबंधन का नेतृत्व स्पष्ट है-मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री दोनों के चेहरे सामने आ चुके हैं.
लेकिन विपक्षी गठबंधन एनडीए की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक चेहरा सामने नहीं आया.
नीतीश कुमार दो दशकों से बिहार की सत्ता की कमान संभाले हुए हैं, फिर भी एनडीए उन्हें अपना प्रमुख उम्मीदवार घोषित करने में हिचकिचा रहा है. बघेल ने सवाल उठाया कि आखिर एनडीए का चेहरा कौन होगा?
उन्होंने हालिया घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि अमित शाह ने नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जीतन राम मांझी जैसे नेताओं को क्या दबाव बनाया कि उनकी आवाजें खामोश हो गईं. बघेल ने जोर देकर कहा, "हम तो खुलकर अपनी बात रखते हैं, लेकिन वहां बोलने की गुंजाइश ही नहीं. भाजपा और एनडीए में लोकतंत्र का नामोनिशान तक नहीं बचा."
इन राजनीतिक टिप्पणियों के बीच बघेल ने अपने निजी दर्द को भी बयां किया. उन्होंने बताया कि उनका बेटा चैतन्य जेल में बंद है और न तो उन्हें, न ही परिवार के किसी सदस्य या रिश्तेदार को उससे मिलने की इजाजत मिल रही. ऐसे हालात में दीवाली का त्योहार कैसे मनाएं?
बघेल ने सोशल मीडिया पर एक भावुक ट्वीट साझा किया, जिसमें उन्होंने पुरानी यादें ताजा कीं. उन्होंने लिखा कि बीस साल पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री अजीत जोगी ने उनके पिता को जेल भेजा था, लेकिन दीपावली के अवसर पर उनसे मिलने की अनुमति जरूर मिल गई थी.
अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के प्रभाव से बेटा जेल की सलाखों के पीछे है, मगर दीवाली के दिन भी मुलाकात की छूट नहीं. फिर भी, उन्होंने सभी को दीपोत्सव की हार्दिक बधाई दी.
यह ट्वीट सोशल मीडिया पर धूम मचा रहा है और तेजी से वायरल हो गया है. कांग्रेस पार्टी ने इसे "एक पिता का गहन दुख" करार देते हुए छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर सीधी चोट की. पार्टी ने कहा कि यह घटना सत्ता के दुरुपयोग का नंगा चेहरा उजागर करती है. बघेल की यह बयानबाजी बिहार चुनावी माहौल को और गर्माने वाली है.