छात्राएं रात में बाहर न निकले- ममता बनर्जी
छात्राएं रात में बाहर न निकले, उन्हें अपनी सुरक्षा खुद करनी होगी- ममता बनर्जी
कोलकाता । डेस्क: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के कथित सामूहिक दुष्कर्म की घटना पर अपनी टिप्पणी को लेकर नए विवादों में घिर गई हैं. मुख्यमंत्री ने हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं, विशेषकर बाहर से आई लड़कियों से रात में बाहर न निकलने की अपील की और कहा कि उन्हें अपनी सुरक्षा भी खुद करनी होगी.
उनके इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे 'विक्टिम-ब्लेमिंग' (पीड़िता को दोषी ठहराना) बताया है.
गौरतलब है कि दुर्गापुर के एक निजी मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्रा शुक्रवार रात 10 अक्टूबर, 2025 को अपने एक दोस्त के साथ कॉलेज के बाहर गई थी, जहां कथित तौर पर अज्ञात लोगों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया. पीड़िता ओडिशा की रहने वाली है.
मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा, "खासकर रात के समय लड़कियों को बाहर आने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. उन्हें अपनी सुरक्षा भी करनी होगी." उन्होंने आगे कहा कि पुलिस हर घर या हॉस्टल के बाहर निगरानी नहीं रख सकती. उन्होंने निजी मेडिकल कॉलेजों से भी अपने छात्रों की जिम्मेदारी लेने को कहा.
मुख्यमंत्री ने अपील करते हुए कहा, "बंगाल में ऐसी घटनाओं के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस की नीति है, और मैं यहां पढ़ने आए लड़कों और लड़कियों से अनुरोध करूंगी कि वे रात में बाहर न निकलें. ऐसा इसलिए, क्योंकि पुलिस को पता नहीं होता कि कौन कब (हॉस्टल से) बाहर आ रहा है."
विपक्ष का कड़ा विरोध
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद भाजपा नेतृत्व ने कड़ा विरोध जताया. राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बनर्जी की टिप्पणी यह साबित करती है कि तृणमूल कांग्रेस सरकार की महिला सुरक्षा के प्रति कोई जवाबदेही नहीं है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह बयान न केवल असंवेदनशील है, बल्कि अत्यंत अपमानजनक भी है. भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि प्रशासन की विफलता को छिपाने के लिए वह महिलाओं को ही दोषी ठहरा रही हैं.
तीन आरोपी गिरफ्तार
इस बीच, आसनसोल दुर्गापुर पुलिस आयुक्तालय ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ने के लिए छापे मार रही है. बताया गया है कि सभी आरोपी स्थानीय हैं और उन्हें जंगल वाले क्षेत्र में छापेमारी के बाद पकड़ा गया, जहां कथित घटना हुई थी.
ओडिशा के मुख्यमंत्री ने भी की कार्रवाई की मांग
इस घटना पर विपक्षी दलों के साथ-साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री से दोषियों के खिलाफ तेजी से कार्रवाई करने का आग्रह किया है.
यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में यौन उत्पीड़न की घटना के बाद महिलाओं को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी गई है. इससे पहले, अगस्त 2024 में कोलकाता के आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज में एक महिला डॉक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने एक दिशानिर्देश जारी किया था, जिसमें महिलाओं के लिए नाइट ड्यूटी कम करने की बात कही गई थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाए जाने के बाद इस सलाह को वापस ले लिया गया था.