बुधवार को पेश हो सकता है वक़्फ़ संशोधन विधेयक
नई दिल्ली | डेस्क: वक्फ संशोधन विधेयक पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. इस बीच माना जा रहा है कि बुधवार को वक़्फ़ संशोधन विधेयक पास करने के लिए संसद में रखा जा सकता है.
भारतीय जनता पार्टी के मुख्य सचेतक संजय जायसवाल ने अपने सांसदों के लिए मंगलवार को व्हिप जारी किया. बुधवार को पार्टी के सभी सांसदों को संसद में उपस्थित रहने को कहा गया है.
इसमें लिखा गया है कि भारतीय जनता पार्टी के सभी लोकसभा सांसदों को सूचना दी जाती है कि लोकसभा में कुछ अति महत्वपूर्ण विधायी कार्य पारित करने के लिए बुधवार दिनांक 2 अप्रैल 2025 को लाए जाएंगे.
भारतीय जनता पार्टी के सभी लोकसभा सदस्यों से निवेदन है कि वे बुधवार दिनांक 2 अप्रैल 2025 को पूरे समय सदन में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहकर सरकार के पक्ष का समर्थन करें.
बीजेपी ने पार्टी के राज्यसभा सांसदों को भी व्हिप जारी किया है. इसमें सांसदों से गुरुवार को सदन में मौजूद रहने को कहा गया है.
इस बीच इंडिया गठबंधन के नेताओं ने मंगलवार शाम दिल्ली में इस मुद्दे पर बैठक की.
बैठक के बाद कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा, “हमें हमारे संवैधानिक मूल्यों को बचाना चाहिए. यह विधेयक असंवैधानिक है. इसलिए, इंडिया गठबंधन और अन्य दल इसके ख़िलाफ़ वोट करेंगे.”
एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने कहा, “हम चर्चा में हिस्सा लेंगे. हम उनकी बात सुनेंगे. हम हमारा सच सामने रखेंगे. इंडिया गठबंधन की चर्चा अच्छी रही. हम मिलकर बहस करेंगे. सशक्त लोकतंत्र में देश किसी के मन से नहीं चलता है, देश संविधान से चलता है.”
आरजेडी सांसद मनोज कुमार झा ने कहा, “इस पर चर्चा होगी कि यह विधेयक किस तरह ग़ैर-संवैधानिक है. किस तरह से अल्पसंख्यकों पर हमला करने की योजना बन रही है.”
टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने इंडिया गठबंधन के नेताओं की बैठक और वक़्फ़ संशोधन विधेयक को लेकर कहा, “हम चर्चा चाहते हैं. बीजेपी चर्चा में हिस्सा नहीं लेना चाहती है.”
डीएमकेसांसद टी. सिवा ने कहा, “हम चर्चा में हिस्सा लेंगे. हम अपने विचार व्यक्त करेंगे. यह बहुत महत्वपूर्ण विधेयक है. लोगों तक हमारे विचार पहुंचना चाहिए.”
इधर सपा नेता अखिलेश यादव ने कहा-"हम लोग इसके ख़िलाफ़ इसलिए हैं, क्योंकि भारतीय जनता पार्टी हर जगह हस्तक्षेप करना चाहती है."
दूसरी ओर एआईएमआईएम के अध्यक्ष और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- "ये वक़्फ़ बिल असंवैधानिक है. ये वक़्फ़ संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26 और 29 का उल्लघंन है."
सांसद ओवैसी ने कहा-"अगर चंद्रबाबू नायडू, नीतीश कुमार, चिराग पासवान और जयंत चौधरी इस बिल की तारीफ करेंगे, तो वो अपने राजनीतिक कारणों से करेंगे. अगर पांच साल के बाद आप जनता के सामने जाएंगे, तब आप क्या जवाब देंगे."