विश्रामपुर: आर्म्स एक्ट की धाराएं हटीं, टीएस सिंहदेव का अनशन समाप्त
अंबिकापुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ के शिवनंदनपुर नगर पंचायत चुनाव के ठीक पहले सरगुजा अंचल की सियासत में आया भूचाल आखिरकार जिला प्रशासन के बैकफुट पर आने के बाद शांत हो गया. पूर्व उप-मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के कड़े रुख के कारण प्रशासन को झुकना पड़ा. पुलिस ने कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र जैन के खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मामले को वापस ले लिया है, जिसके बाद बुधवार को नारियल पानी पीकर सिंहदेव ने अपना आमरण अनशन समाप्त किया.
इस पूरे सियासी ड्रामे की शुरुआत बीते शनिवार को भाजपा कार्यकर्ता मित्तल पांडेय और कांग्रेस नेता नरेंद्र जैन के बीच हुए चुनावी विवाद से हुई थी. भाजपा के जिलाध्यक्ष मुरली सोनी की शिकायत पर विश्रामपुर पुलिस ने आनन-फानन में नरेंद्र जैन पर हथियार (कटार) चमकाने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कर लिया था, लेकिन पुलिस कथित हथियार बरामद करने में नाकाम रही.
कांग्रेस ने इसे सत्ता पक्ष के इशारे पर की गई दमनकारी कार्रवाई करार देते हुए सोमवार से मोर्चा खोल दिया था. मंगलवार को टीएस सिंहदेव आमरण अनशन पर बैठ गए, जबकि दीपक बैज ने क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी थी.
मामले की गंभीरता को देखते हुए सूरजपुर की एसडीएम शिवानी जायसवाल और एएसपी योगेश देवांगन ने धरना स्थल पर पहुंचकर मोर्चा संभाला. वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से फोन पर चर्चा कराने के बाद प्रशासन ने विश्रामपुर थाना प्रभारी (टीआई) पर कार्रवाई करने और आर्म्स एक्ट की धाराएं हटाने का लिखित आश्वासन दिया.
इस आंदोलन के बीच पुलिस ने नरेंद्र जैन की पत्नी मधु जैन की शिकायत पर दूसरे पक्ष के दो लोगों के खिलाफ भी धारा 296 और 351(3) के तहत जवाबी मुकदमा दर्ज किया है.
इस आंदोलन को धार देने पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक चुनावी जनसभा के दौरान पुलिस-प्रशासन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, कांग्रेसी किसी भी तरह का अन्याय सहन नहीं करेंगे और पक्षपात करने वाले अधिकारियों के नाम याद रखे जाएंगे.
जहां एक ओर कांग्रेस इसे न्याय और अपने कार्यकर्ताओं की एकजुटता की बड़ी जीत मान रही है, वहीं भाजपा ने इस पूरे घटनाक्रम को चुनाव से ठीक पहले जनता की सहानुभूति बटोरने का एक राजनीतिक पैंतरा करार दिया है.