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बांग्लादेश में हिंसा: हिंदू परिवारों के घर जलाए गए, अल्पसंख्यकों में दहशत

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29 दिस. 2025, 09:50 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

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ढाका । डेस्क: बांग्लादेश में छात्र नेता ओसमान हादी की मौत के बाद हालात लगातार अस्थिर बने हुए हैं. इस अस्थिरता के बीच अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं पर हमलों की घटनाएं सामने आ रही हैं. ताजा मामला पिरोजपुर जिले के डुमरितला गांव का है, जहां हिंदू समुदाय के साहा परिवार के घर में आग लगा दी गई. घटना शनिवार, 27 दिसंबर की रात की बताई जा रही है.


आरोप है कि देर रात जब परिवार के लोग सो रहे थे, तब बदमाशों ने घर के कई कमरों में आग लगा दी. आग से घर का सारा सामान जलकर राख हो गया. इस घटना पर बांग्लादेश की लेखिका तसलीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर चिंता जताते हुए इसे हिंदू-विरोधी हिंसा बताया है.


इससे पहले चटगांव के राउजान इलाके में भी हिंदू परिवारों के घरों में आग लगाने की घटनाएं हुई थीं. स्थानीय लोगों के अनुसार, हमलावर अक्सर भोर के समय हमला करते हैं ताकि लोग सोते रहें और बच न सकें. 


कुछ मामलों में घरों के दरवाजे बाहर से बंद कर दिए गए, जिससे परिवार के लोग अंदर फंस गए. किसी तरह टिन की छत और बांस की दीवार काटकर लोग बाहर निकल पाए, लेकिन घर का सामान और पालतू जानवर जल गए.


इन घटनाओं के बाद कई जगहों पर हाथ से लिखे पोस्टर भी मिले, जिनमें हिंदुओं को धमकी दी गई थी. पोस्टरों में आरोप लगाया गया कि हिंदू समुदाय इस्लाम और मुस्लिम समाज के खिलाफ काम कर रहा है और चेतावनी दी गई कि ऐसा जारी रहा तो गैर-मुस्लिमों के घर, संपत्ति और व्यवसाय सुरक्षित नहीं रहेंगे.


पुलिस ने राउजान की घटनाओं में अब तक पांच संदिग्धों को गिरफ्तार करने का दावा किया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है. धार्मिक सौहार्द बनाए रखने के लिए स्थानीय प्रभावशाली लोगों के साथ बैठकें भी की गई हैं.


गौरतलब है कि 12 दिसंबर को छात्र नेता ओसमान हादी को अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी थी. इलाज के लिए सिंगापुर ले जाए जाने के बाद उनकी मौत हो गई. इसके बाद ढाका समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए. कुछ जगहों पर मीडिया दफ्तरों में तोड़फोड़ की गई और मयमनसिंह में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध हुआ.


जानकारों और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया का कहना है कि हाल के राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद बांग्लादेश में एक तरह का राजनीतिक शून्य पैदा हुआ है, जिसका फायदा कट्टरपंथी ताकतें उठा रही हैं. इसका असर सीधे तौर पर सामाजिक सौहार्द और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर पड़ता दिख रहा है. (File Photo)

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP