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आंदोलनों में बच्चों-युवाओं का इस्तेमाल गलत: बाबा रामदेव

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17 अग. 2026, 04:04 AM 3 मिनट में पढ़ें 1

बाबा रामदेव
बाबा रामदेव

रायपुर । संवाददाता: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर पहुंचे योग गुरु बाबा रामदेव ने आंदोलनों में बच्चों और युवाओं के इस्तेमाल पर सख्त आपत्ति जताई है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि बच्चों और युवा पीढ़ी को राजनीतिक या सामाजिक आंदोलनों में धकेलना पूरी तरह अनुचित है. विरोध प्रदर्शन के नाम पर किसी भी तरह की अराजकता नहीं होनी चाहिए और न ही सामाजिक या राजनीतिक स्वार्थ के लिए बच्चों का शोषण किया जाना चाहिए.


बाबा रामदेव ने जोर देकर कहा कि संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए किए जाने वाले सभी आंदोलन संवैधानिक, लोकतांत्रिक, नैतिक, आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों के दायरे में ही होने चाहिए.

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देश की सामाजिक-राजनीतिक व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि भारत के संपूर्ण तंत्र को बदलना किसी एक राजनीतिक दल, विपक्षी समूह या व्यक्ति के बस की बात नहीं है. देश में व्यापक और सकारात्मक बदलाव लाने के लिए सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक-इन तीनों स्तरों पर एक साथ जागरूकता और सामूहिक प्रयास जरूरी हैं.


योग गुरु ने देश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों में सुधार की जरूरत पर भी अपनी राय रखी. उन्होंने कहा कि इन दोनों प्रमुख क्षेत्रों को सही दिशा में आगे बढ़ाना बेहद आवश्यक है, क्योंकि इन्हें लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं जिनका त्वरित और स्थाई समाधान तलाशना होगा. इन व्यवस्थाओं में सुधार लाने के लिए सरकार की बहुत बड़ी और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी बनती है.


बाबा रामदेव का बयान


“इस देश में न हिंदू खतरे में हैं, न मुसलमान, न सिख, न ईसाई, न जैन, न बौद्ध, न ब्राह्मण, न क्षत्रिय, न वैश्य, न शूद्र, न दलित, न आदिवासी, न वनवासी और न SC/ST समुदाय.

असल में खतरे में है देश का बचपन और युवा पीढ़ी, देश का वर्तमान और भविष्य, इसकी प्रकृति, संस्कृति, सभ्यता, अखंडता और संप्रभुता.


कुछ लोग विरोध प्रदर्शनों में देश के बच्चों का इस्तेमाल कर रहे हैं. अगर प्राथमिक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे को आंदोलन में धकेल दिया जाए तो वह बच्चा पढ़ाई कब करेगा? छोटे बच्चों को विरोध प्रदर्शनों में नहीं धकेलना चाहिए. दुनिया में कहीं और ऐसा नहीं होता.


संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संवैधानिक, लोकतांत्रिक, नैतिक, आध्यात्मिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित आंदोलन होने चाहिए, मैं इसका समर्थन करता हूँ. लेकिन विरोध के नाम पर अराजकता नहीं होनी चाहिए और ऐसे आंदोलनों के लिए बच्चों का शोषण नहीं किया जाना चाहिए. यह सच है कि देश के शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्रों को सही दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है. इन व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल हैं जिनका समाधान जरूरी है. मेरा मानना है कि इस संबंध में सरकार की बड़ी जिम्मेदारी है. पूरे देश की व्यवस्था को बदलना किसी एक पार्टी, विपक्षी समूह या व्यक्ति के बस की बात नहीं है. इसके लिए सामाजिक, राजनीतिक और प्रशासनिक - तीनों स्तरों पर जागरूकता जरूरी है.”

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP