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नवी मुंबई रिलायंस प्लांट पर USFDA का एक्शन, दवाओं के अमेरिकी आयात पर बैन

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02 सित. 2026, 05:16 PM 2 मिनट में पढ़ें 2

नवी मुंबई रिलायंस प्लांट
नवी मुंबई रिलायंस प्लांट

मुंबई । डेस्क: अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) ने रिलायंस लाइफ साइंसेस प्राइवेट लिमिटेड को उसके नवी मुंबई स्थित विनिर्माण संयंत्र में 'वर्तमान अच्छे विनिर्माण प्रथाओं' (CGMP) के गंभीर उल्लंघनों को लेकर चेतावनी पत्र जारी किया है. स्वास्थ्य नियामक द्वारा जारी इस पत्र के बाद कंपनी के इस संयंत्र से अमेरिका भेजे जाने वाले सभी दवाओं और दवा उत्पादों के आयात पर रोक लगा दी गई है.


USFDA की टीम ने 19 से 27 फरवरी 2026 के बीच नवी मुंबई के एमआईडीसी टीटीसी क्षेत्र (R-282) में स्थित धीरूभाई अंबानी लाइफ साइंसेस सेंटर का गहन निरीक्षण किया था. जांच के दौरान नियामक ने प्रयोगशाला के आंकड़ों और सैनिटेशन प्रक्रियाओं में कई गंभीर खामियां पाईं.

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चेतावनी पत्र के अनुसार, कंपनी प्रयोगशाला के रिकॉर्ड में आवश्यक पूर्ण आंकड़े प्रस्तुत करने में विफल रही, जो स्थापित मानकों और विशिष्टताओं का पालन सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी हैं. इसके अलावा, कंपनी ऐसे स्टेरिल (रोगाणुरहित) दवा उत्पादों को सूक्ष्मजीव संदूषण (microbiological contamination) से बचाने के लिए उचित लिखित प्रक्रियाओं को तैयार करने और उनका पालन करने में भी असमर्थ रही.


USFDA ने रिलायंस लाइफ साइंसेस को इन उल्लंघनों के मूल कारणों की जांच करने और भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए सुधारात्मक और निवॉरक उपाय (corrective and preventative measures) लागू करने का निर्देश दिया है, ताकि भविष्य में अमेरिकी मानकों का निरंतर पालन सुनिश्चित किया जा सके.


गौरतलब है कि यूएसएफडीए (United States Food and Drug Administration) यानी अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन, संयुक्त राज्य अमेरिका के स्वास्थ्य और मानव सेवा विभाग (Department of Health and Human Services) की एक प्रमुख संघीय एजेंसी है. यह संस्था अमेरिका में बेची जाने वाली दवाओं, टीकों, जैविक उत्पादों, चिकित्सा उपकरणों, खाद्य पदार्थों, सौंदर्य प्रसाधनों और तंबाकू उत्पादों की सुरक्षा, गुणवत्ता और प्रभावकारिता सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार है.


वैश्विक फार्मास्यूटिकल उद्योग में USFDA के मानकों को सबसे सख्त और प्रामाणिक माना जाता है. अमेरिका में किसी भी दवा के निर्यात या बिक्री के लिए इस एजेंसी की मंजूरी और इसके 'करंट गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस' (CGMP) दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होता है. 


यदि कोई कंपनी विनिर्माण नियमों में लापरवाही बरतती है, तो USFDA निरीक्षण के बाद उसे चेतावनी पत्र (Warning Letter) जारी कर सकती है या उत्पादों के आयात पर रोक (Import Alert) लगा सकती है, ताकि अमेरिकी नागरिकों के स्वास्थ्य सुरक्षा से कोई समझौता न हो.

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CGKhabar — Editor: Raghvendra Chand Singh, Raipur, Chhattisgarh. Managed by Space IX Media LLP