ईरानी युद्धपोत को अमेरिका ने डुबोया, तेहरान ने दी 'कड़े पछतावे' की चेतावनी
तेहरान । डेस्क: हिंद महासागर में श्रीलंकाई तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' को डुबोए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव गहरा गया है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने इस घटना को एक "नृशंसता" करार देते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि अमेरिका को अपने इस कदम पर "कड़वा पछतावा" होगा.
यह हमला बुधवार (4 मार्च, 2026) को हुआ, जिसमें ईरानी युद्धपोत पर टॉरपीडो से वार किया गया. इस घातक हमले में कम से कम 83 ईरानी नाविकों की मौत हो गई है, जबकि श्रीलंका की नौसेना ने 32 घायल नाविकों को बचा लिया है, जिनका इलाज वर्तमान में गाले जिले के एक अस्पताल में चल रहा है.
ईरानी विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह हमला अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में बिना किसी चेतावनी के किया गया, जबकि 'IRIS देना' भारतीय नौसेना के अतिथि के रूप में विशाखापट्टनम में 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू 2026' में भाग लेकर वापस लौट रहा था.
दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने हमले की पुष्टि करते हुए इसे "दुश्मन के जहाज को डुबाने" वाली एक बड़ी सैन्य सफलता बताया.
हेगसेथ ने कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो से किसी दुश्मन जहाज को डुबोया है. इस घटना ने पश्चिम एशिया के युद्ध को अब सीधे तौर पर हिंद महासागर के मुहाने पर ला खड़ा किया है, जिस पर फिलहाल भारत और श्रीलंका की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.