IIT दिल्ली में छात्र की खुदकुशी पर बवाल, 300 से अधिक छात्र धरने पर
नई दिल्ली । डेस्क: IIT दिल्ली में द्वितीय वर्ष के MSc फिजिक्स के 31 वर्षीय छात्र ऋषिकेश द्वारा छठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या किए जाने के बाद संस्थान में विरोध का माहौल बन गया है. इस घटना से आक्रोशित 300 से अधिक छात्रों ने सोमवार को प्रशासनिक भवन और निदेशक कार्यालय के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया.
छात्रों का आरोप है कि प्रशासन ऐसी दुखद घटनाओं को भी एक सामान्य प्रक्रिया मानकर टालने की कोशिश कर रहा है.
राजनीतिक व छात्र संगठनों ने भी इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है. कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस घटना को पूरे देश के लिए चेतावनी बताते हुए कहा कि ऋषिकेश पिछले वर्ष अपने पिता को खोने के बाद से मानसिक तनाव से गुजर रहे थे, लेकिन उन्हें हॉस्टल आवंटन और काउंसलिंग जैसा कोई संस्थागत सहयोग नहीं मिला.
उन्होंने दावा किया कि IIT संस्थानों में एक गहरा ढांचागत संकट है, जहाँ पिछले पांच वर्षों में 65 और अकेले IIT दिल्ली में तीन वर्षों में आठ छात्र अपनी जान गंवा चुके हैं.
वहीं NSUI अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने भी प्रशासनिक रवैये, शिक्षा के गिरते स्तर और अध्यापकों व छात्रों के बीच संवादहीनता पर सवाल उठाते हुए एक निष्पक्ष जांच की मांग की है.
सोमवार को नियमित कक्षाएं फिर से शुरू होने पर छात्रों का गुस्सा और भड़क गया.
प्रदर्शनकारी छात्र अब घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच, डीन व एसोसिएट डीन के इस्तीफे, मृतक के परिवार को 1 करोड़ रुपये के मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग कर रहे हैं. छात्रों का स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों को स्वीकार नहीं करता, तब तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन जारी रहेगा.