UPI के ये नये नियम 1 अगस्त से होंगे लागू
ये हैं UPI में नये नियम 1 अगस्त से
नई दिल्ली । डेस्क: भारतीय रिजर्व बैंक और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया यूपीआई यूजर्स के लिए 1 अगस्त से पांच नये नियम लागू करने जा रहे हैं. इन नियमों का उद्देश्य यूपीआई सर्वर पर लोड कम करना और यूजर्स की सुरक्षा को बढ़ाना है. गूगल पे, फोनपे और पेटीएम जैसे ऐप्स पर इन नियमों का असर पड़ेगा. आइए जानते हैं इन नियमों के बारे में विस्तार से.
1. बैलेंस चेक करने की नई सीमा
अब यूपीआई यूजर्स किसी एक यूपीआई ऐप से एक दिन में अधिकतम 50 बार अपने बैंक बैलेंस की जांच कर सकेंगे. यदि कोई यूजर दो अलग-अलग ऐप्स का उपयोग करता है, तो वह अधिकतम 100 बार (2x50) बैलेंस चेक कर सकता है. यह कदम सर्वर पर लोड कम करने के लिए उठाया गया है.
2. बैंक अकाउंट की जानकारी
यूपीआई यूजर्स अब दिन में केवल 25 बार यह जांच सकेंगे कि उनका मोबाइल नंबर बैंक अकाउंट से लिंक है या नहीं. पहली बार यूपीआई का उपयोग करने पर यूजर को अपने बैंक का चयन करना होगा और इस जांच के लिये सहमति देनी होगी.
3. ऑटो पे पर प्रतिबंध
कई यूजर्स यूपीआई ऐप्स के जरिए ऑटो पे मैंडेट सेट करते हैं. नये नियमों के तहत, बैंक के पीक आवर्स में यह ऑटो पे मैंडेट काम नहीं करेगा. यह सुविधा केवल कम लेनदेन वाले समय में ही सक्रिय होगी, जब अकाउंट से पैसे कटेंगे.
4. ट्रांजैक्शन स्टेटस चेक की सीमा
अब अगर कोई पेमेंट अटक जाता है, तो यूजर उस ट्रांजैक्शन की स्थिति को केवल 3 बार चेक कर सकेंगे. इसके बाद और चेक करने की अनुमति नहीं होगी. साथ ही, हर चेक के बीच कम से कम 90 सेकंड का अंतराल होना जरूरी है.
5. बैंकों और ऐप्स के लिए सख्त नियम
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने सभी बैंकों और गूगल पे, फोनपे, पेटीएम जैसे पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को अपने एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस (API) की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. नियमों का पालन न करने वाली कंपनियों पर जुर्माना लगाया जा सकता है, यूपीआई उपयोग पर प्रतिबंध लग सकता है, या उनके ऐप्स पर बैन भी हो सकता है. सभी पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स को 31 अगस्त तक सिस्टम ऑडिट पूरा करके रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया है.
इन नये नियमों का पालन न करने पर यूजर्स को असुविधा हो सकती है. इसलिए, यूपीआई यूजर्स को सलाह दी जाती है कि वे इन नियमों को ध्यान में रखें.