ब्रह्मांड: 2000 करोड़ साल बाद होगा अंत?
नई दिल्ली । डेस्क: नये शोध ने ब्रह्मांड के भविष्य को लेकर चौंकाने वाला राज खोला है. वैज्ञानिकों का कहना है कि हमारा ब्रह्मांड, जो लगातार फैल रहा है, एक दिन सिकुड़ना शुरू कर देगा और अंततः एक बिंदु में समा जायेगा.
अमरीका के कॉर्नेल विश्वविद्यालय और चीन के शंघाई जियाओ टोंग विश्वविद्यालय के भौतिकविदों ने दावा किया है कि ब्रह्मांड की आयु 3330 करोड़ साल है, जिसमें से 1380 करोड़ साल बीत चुके हैं. यानी, हमारे पास अब केवल 2000 करोड़ साल बाकी हैं.
शोध के अनुसार, अगले 700 करोड़ साल तक ब्रह्मांड 69 फीसदी तक और फैलेगा, फिर सिकुड़ना शुरू होगा. यह सिकुड़न 1300 करोड़ साल तक चलेगी, जिसके बाद ब्रह्मांड एक बिंदु में बदल जायेगा.
वैज्ञानिक इसे 'बिग क्रंच' कह रहे हैं, जो 'बिग बैंग' का उल्टा है. इस प्रक्रिया को वैज्ञानिकों ने एक रबर बैंड से तुलना की है, जो पहले फैलता है और फिर सिकुड़ता है.
'डार्क एनर्जी सर्वे' और 'डार्क एनर्जी स्पेक्ट्रोस्कोपिक इंस्ट्रूमेंट' के जरिये यह निष्कर्ष निकाला गया. डार्क एनर्जी, जो ब्रह्मांड का 70 फीसदी हिस्सा बनाती है, इस फैलाव के पीछे की रहस्यमयी शक्ति है. वैज्ञानिकों का कहना है कि यह शक्ति स्थिर नहीं हो सकती, बल्कि बदलती रहती है.
हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी कहा कि यह सिद्धांत अभी पूरी तरह निश्चित नहीं है. पर्याप्त डेटा और अवलोकन के अभाव में यह सिर्फ एक संभावना है. कुछ वैज्ञानिक मानते हैं कि ब्रह्मांड अनंत काल तक फैलता रहेगा. इस रहस्य को सुलझाने के लिये और शोध की जरूरत है.
वैज्ञानिकों के मुताबिक, 2000 करोड़ साल बाद न तो पृथ्वी बचेगी और न ही सूर्य. पृथ्वी पर जीवन अधिकतम 60 करोड़ साल तक ही रह सकता है, और सूर्य भी उस समय तक खत्म हो जायेगा. हमारी आकाशगंगा भी शायद पड़ोसी एंड्रोमेडा गैलेक्सी के साथ मिल जायेगी.